कुरुक्षेत्र। शेखचिल्ली के मकबरे पर कथक करती डॉ पूजा। स्वयं
कुरुक्षेत्र। केयू के संगीत एवं नृत्य विभाग में कार्यरत सहायक प्रोफेसर एवं कथक कलाकार डॉ. पूजा चौधरी शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का काम कर रही हैं।
वह छात्राओं को कथक नृत्य में पारंगत बना रहीं हैं। अब तक वह करीब 500 छात्राओं को कथक का प्रशिक्षण दे चुकीं हैं हाल ही में उनकी शिष्या काम्या गुप्ता ने राज्य स्तरीय कथक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। कथक के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें पूजा कोकला रत्न सम्मान, कला हीरा सम्मान, कथक महोत्सव सम्मान, टॉप-100 आउटस्टैंडिंग वूमेन अवॉर्ड सहित कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
डॉ. पूजा चौधरी ने बताया कि वह अब तक दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, वाराणसी, हरियाणा, पंजाब, झारखंड और देश के अन्य हिस्सों में मंच पर प्रस्तुतियां दे चुकी हैं। इसके अलावा बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव सहित विभिन्न देशों में भी उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया है। उनके कई शिष्य विभिन्न प्रतियोगिताओं और परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही कथक में रुचि थी। वर्षों की साधना के बाद उन्होंने शास्त्रीय नृत्य को अपना जीवन समर्पित कर दिया।