कुरुक्षेत्र। ठंड से बचने के लिए आग का सहारा लेते लोग। संवाद
कुरुक्षेत्र। शहर में बढ़ते प्रदूषण और घने कोहरे से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार को प्रदूषण का स्तर बढ़कर 254 तक पहुंच गया, जो सेहत के लिहाज से बेहद चिंताजनक माना जा रहा है। वीरवार को एक्यूआई 219 दर्ज किया गया था। खराब वायु गुणवत्ता के चलते सांस के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों ने ऐसे लोगों को सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचने और मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है।
दूसरी ओर घने कोहरे से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर की प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक रेंगता नजर आया। कई स्थानों पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से चलना पड़ा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. ममता का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक कोहरे और प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना कम है। शुक्रवार को शीतलहर 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली जिससे वातावरण में ठिठुरन और अधिक बढ़ गई। दिनभर धूप नहीं निकलने से ठंड का असर बना रहा। खुले में काम करने वाले मजदूरों और राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
प्रशासन की ओर से वाहन चालकों को सावधानी बरतने, तेज गति से वाहन न चलाने और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने की अपील की गई है।
दो दिन से नहीं निकली धूप
नए साल की शुरुआत के साथ ही आमजन को लगातार दो दिन से सूर्य देव के दर्शन नहीं हो सके हैं। घने कोहरे और बादलों के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है जिससे ठंड का असर बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले सप्ताह में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। इससे वातावरण में ठंडक के साथ-साथ ठिठुरन भी और अधिक बढ़ने की संभावना है। लोग ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा ले रहे हैं।