नगराधीश डॉ. पूजा भारती ने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी
देशों से अभी भी पोलियो वायरस का खतरा बना हुआ है। इसलिए कुरुक्षेत्र में
अभियान चलाकर पिछले 20 सालों से 0 से 5 वर्ष के बच्चों को लगातार दो बूंद
जीवन की पिलाई जा रही हैं। यही कारण है कि कुरुक्षेत्र जिले में 2011 के
बाद पल्स पोलियो का कोई भी केस सामने नहीं आया है। इस अभियान को निरंतर आगे
बढ़ाना है।
इसी अभियान जिला कुरुक्षेत्र में 22 नवंबर से शुरूहोने वाले
तीन दिवसीय अभियान में 1 लाख 18 हजार 136 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई
जाएगी। डॉ. भारती शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में पल्स पोलियो
अभियान के लिए हुई जिला टास्क फोर्स की बैठक को संबोधित कर रही थीं।
कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. केके शर्मा ने कहा कि सब-नेशनल राउंड के तहत 22
नवंबर से पल्स पोलियो अभियान शुरू हो रहा है। सभी का प्रयास रहेगा कि 80
फीसदी बच्चों को बूथों पर लाकर खुराक पिलाई जाए। वर्तमान में केवल 60 फीसदी
बच्चे ही बूथों तक पहुंच रहे हैं।
पल्स पोलियो अभियान की नोडल अधिकारी
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनुपमा ने पीपीटी के जरिए पल्स पोलियो अभियान के
बारे में बताया। उन्होंने बताया कि इसके लिए 641 बूथ बनाए गए हैं। बस
स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर खुराक पिलाने के लिए 48 टीमें, डेरों,
बस्तियों और भट्टों के लिए 51 टीमें, 108 सुपरीवाइजर की ड्यूटी लगाई गई है।
इस मौके पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. एनपी सिंह, डीएएफसी डॉ. घनश्याम सिंह,
डिप्टी डीईओ नमिता कौशिक, हुडा के संपदा अधिकारी योगेश रंगा आदि मौजूद रहे।