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Kurukshetra News: सीएम आवास पर प्रदर्शन कर रहे एनएचएम कर्मियों पर पुलिस ने छोड़ी पानी की बौछारें

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कुरुक्षेत्र। मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन कर रहे एनएचएम कर्मचारियों और पुलिस में टकराव हो गया। कर्मचारी बैरिकेड पार कर सीएम आवास की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर आंसू गैस के साथ पानी की बौछारें छोड़ी। इस पूरे घटनाक्रम में महिलाओं सहित कई कर्मचारियों को चोट आई। पुलिस कार्रवाई से कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। डीसी व एसपी ने मौके पर पहुंच हालात पर नियंत्रण किया। कर्मचारी सोमवार को 10 बजे मुख्यमंत्री से चंडीगढ़ में मिलने के लिखित आश्वासन पर माने और ज्ञापन भी सौंपा।
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एनएचएम कर्मचारी तय कार्यक्रम के अनुसार स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले सुबह 11 बजे के करीब सेक्टर दो ताऊ देवीलाल पार्क में जुटे, जहां दोपहर दो बजे तक अपनी मांगों व सरकार के रवैये पर चर्चा करते रहे। इस दौरान कर्मचारियों को एनएचएम कर्मचारी संगठन के प्रदेशाध्यक्ष विपिन शर्मा, महामंत्री दिनेश, भारतीय मजदूर संघ के हवा सिंह महला सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया। यहां से कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री आवास पर पर जाने लगे।
पहले से ही डीएसपी रणधीर सिंह व रामकुमार के नेतृत्व में तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें जिंदल चौक पर ही रोक लिया। यहां बैरिकेडिंग भी की गई। कर्मचारी यहीं पर धरना देकर रोष जताते रहे और मुख्यमंत्री से मुलाकात पर अड़े रहे। करीब दो घंटे तक उन्हें आश्वासन मिलता रहा लेकिन चार बजे के करीब उनके सब्र का बांध टूट गया और बैरिकेड पार कर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। पुलिस उन्हें रोक नहीं पाई तो उन पर हल्का बल प्रयोग किया गया। इसके साथ ही वाटर कैनन के साथ पानी की बौछारें छोड़ी गईं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास के समीप मुख्य सड़क के साथ लगे बैरिकेड के पास पहुंच गए, जहां पर फिर उन्हें हटाने के लिए पानी की बौछारें छोड़ी गईं।
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इस घटनाक्रम में फरीदाबाद की रहने वाली यशोदा के अलावा जया, ममता, पिंकी व राजेश सहित कई अन्य कर्मचारियों को हल्की चोट आईं। यशोदा के सिर में चोट आने पर तत्काल ही सेक्टर चार स्थित पॉलिक्लीनिक में ले जाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद वे फिर धरना दे रहे कर्मचारियों के बीच बैठ गईं। उधर, कर्मचारियों ने आरोप लगाए कि पुलिस ने बर्बरता की है और महिलाओं पर पुरुष पुलिस कर्मियों ने भी डंडे बरसाए। ऐसे पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाए।



डीसी व एसपी ने दिया लिखित आश्वासन
हालात बिगड़ने का पता चलते ही एसपी वरुण सिंगला भी पहुंचे। तब तक कर्मचारी पहला बैरिकेड तोड़कर पार कर चुके थे। इसके बाद वे अगले बैरिकेड के पास पहुंचे तो उन पर फिर पानी की बौछारें छोड़ी गईं तभी डीसी नेहा सिंह भी पहुंच गईं। दोनों अधिकारियों के साथ बाद में कर्मचारी नेताओं की बैठक हुईं जिसमें लिखित में आश्वासन मिला कि सोमवार को 11 बजे मुख्यमंत्री से चंडीगढ़ में मुलाकात कराई जाएगी। इस पर कर्मचारी शांत हुए।
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ये हैं कुछ मुख्य मांगें
- छठे वेतनमान के तहत महंगाई भत्ता दिया जाए।
- 2017 से 2024 तक की गई हड़ताल के दौरान के समय को ड्यूटी मानकर वेतन जारी किया जाए।
- कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
- एलटीसी व ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए।
- कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को अनुकंपा आधार पर नौकरी दी जाए।
- वर्ष 2018 में निर्धारित पदों के वेतनमान को स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज व अन्य विभाग के समान पद के अनुरूप प्रदान किए जाएं।
- एनएचएम कर्मी एवं उनके परिवार को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए कंप्रिहेंसिव कैशलेस हेल्थ लाभार्थी बनाया जाए।
- वेतन विसंगतियां दूर की जाएं।
- सीएचओ के कैडर पर लागू की गई बॉन्ड प्रथा समाप्त की जाए, एसओपी को लागू किया जाए।
- रिक्त पदों पर अंतर व बाहरी जिला स्थानांतरण नीति बनाई जाए।
- एनएचएम कर्मियों को अर्जित अवकाश का लाभ दिया जाए।
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