कुरुक्षेत्र। स्कूली शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा में भी वर्ष 2023 बेहतर रहा। इस वर्ष कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूरे प्रावधानों के साथ नई शिक्षा नीति - 2020 को लागू करने में देश का सिरमौर रहा। यह शिक्षा नीति लागू करने का लक्ष्य 2030 तक था, लेकिन कुवि ने 2023 में यूजी कोर्स में लागू कर पूरे देश में रिकॉर्ड दर्ज कराया है। वर्तमान समय में एनईपी लागू कर युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ तकनीक व शोध के क्षेत्र में माहिर करने के लिए नई शिक्षा लाभकारी है। इसमें विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार कोई भी विषय किसी भी भाषा में पढ़कर आत्मनिर्भरता की राह पर चल सकता है, जिसमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सबसे अग्रणी रहा है।
शिक्षा के साथ खेल के क्षेत्र में भी कुवि ने लगातार 20 वीं बार वाॅलीबॉल की चैंपियनशिप हासिल की है व माका ट्राफी में भी तीसरा स्थान हासिल किया है। खेलो इंडिया में विश्वविद्यालय ने छठा स्थान हासिल किया। विवि में इस वर्ष नए पांच कॉलेज जोड़े गए हैं और इस वर्ष 32 पेटेंट फाइल हुए है। इसी वर्ष विवि का दीक्षांत समारोह हुआ, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे और अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी पहुंचे।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का सफर संस्कृत कॉलेज से शुरू हुआ था। वर्ष 1956 में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने विश्वविद्यालय की नींव रखी थी। अब विश्वविद्यालय में करीब 49 विभाग है, जिसमें विभिन्न काेर्सों में करीब 15 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्तमान में विवि ए प्लस ग्रेड विश्वविद्यालय है, उम्मीद है कि नव वर्ष में विवि को ए प्लस प्लस ग्रेड मिल पाए। 1956 से लेकर 2023 तक विश्वविद्यालय ने अपनी पहचान विदेशों तक बखूबी बनाई है और वर्तमान में भी यहां करीब 185 विदेशी विद्यार्थी यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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2024 में पीजी कोर्स के साथ इंजि कॉलेज में भी होगी एनईपी लागू : प्रो सचदेवा
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का कहना है कि देश के विकास के लिए शिक्षा का स्तर मजबूत होना बेहद जरूरी है और इसमें एनईपी का अहम योगदान होगा। विवि में 2024 में पीजी कोर्स के साथ इंजि कॉलेज में भी एनईपी-2020 को लागू किया जाएगा। रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को एक बेहतर मंच प्रदान करती है। इसी के साथ उन्होंने बताया कि नए वर्ष में 100 पेटेंट करने का लक्ष्य है व नए कॉलेजों को जोडऩा का भी लक्ष्य है। एनईपी लागू करने का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाकर युवाओं को वैश्विक स्तर पर खड़ा करना है।