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ब्रह्मसरोवर पर शिकारियों की नजर, जाल बरामद

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पानी में लगे जाल को निकालते कर्मचारी। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर में रहने वाले अलग-अलग प्रजातियों के जलीय जीवों पर शिकारियों की नजर है। इन जीवों को निशाना बनाने के लिए शिकारी खूब प्रयास कर रहे हैं। रविवार को ब्रह्मसरोवर के वीआईपी घाट से करीब 200 फीट लंबा जाल बरामद हुआ। यह जाल जलीय जीवों विशेषकर मछली व कछुआ को पकड़ने के लिए लगाया था। हैरानी की बात यह है कि इस जाल की भनक न तो कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) के अधिकारियों को थी और न ही ब्रह्मसरोवर पर गश्त करने वाले पर्यटन पुलिस को लगी।
यह कोई पहला मामला नहीं है कि ब्रह्मसरोवर में जलीय जीवों को पकड़ने के लिए जाल लगाया गया हो। करीब डेढ़ साल पहले भी ब्रह्मसरोवर में जलीय जीवों को पकड़ने के लिए लगाया गया जाल बरामद हुआ था। उस समय जाल में फंसने से कई मछलियों की मौत हो गई थी, मगर उस घटना के बाद भी केडीबी और पर्यटन पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। इस बार भी शिकारियों ने केडीबी और पर्यटन पुलिस को चुनौती देते हुए ब्रह्मसरोवर के वीआईपी घाट पर करीब 200 फुट लंबा जाल रेलिंग से आगे लगाया।
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इस जाल में फंसकर कई मछलियां काल का ग्रास बन गई। इस भनक लगने पर केडीबी कर्मियों ने जाल को बाहर खींचा औरा उसमें फंसे कई जलीय जीवों को मुक्त कराकर दोबारा ब्रह्मसरोवर में छोड़ा गया। हालांकि इस दौरान कई मछलियों की मौत हो चुकी थी। जाल में कई तरह की मछली और कछुआ फंसा मिला था। गनीमत रही तस्कर अपने इरादों में कामयाब नहीं हो पाए।
ब्रह्मसरोवर में लगातार मछलियों की मौत हो रही थी। रविवार को एक-दो मछली ब्रह्मसरोवर में मृत मिली तो केडीबी कर्मियों ने जांच की, जिसके बाद उनको सरोवर में जाल लगा हुआ मिला। कर्मियों ने मामले की सूचना पर्यटन पुलिस को देकर मौके पर बुलाया तथा जाल को बाहर खींचा। ब्रह्मसरोवर में 16 से ज्यादा दुर्लभ प्रजाति की मछलियां टनों के हिसाब हैं। इसके अलावा कई प्रजाति के कछुए भी ब्रह्मसरोवर में हैं। शिकारियों की नजर इन कछुओं पर है, क्योंकि मार्केट में कछुओं की काफी मांग हैं।
केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा का कहना है कि मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। ब्रह्मसरोवर पर सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा पर्यटन पुलिस का है। उन्होंने बताया ब्रह्मसरोवर पर जल्द ही 100-150 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
थाना केयूके प्रबंधक राजपाल ने बताया कि पुलिस को केडीबी कर्मी महेंद्र से शिकायत मिली है। मामला दर्ज करके गहनता से जांच की जाएंगी। वहीं पर्यटन पुलिस प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि उनकी टीम दिन-रात ब्रह्मसरोवर पर गश्त करती है। सूचना मिलने पर जाल को बरामद करके केयूके पुलिस को सौंप दिया गया है। केडीबी के अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया है।
सीसीटीवी कैमरे बंद
इस घटना से केडीबी और पर्यटन पुलिस की सुरक्षा की पोल भी खुल गई है। ब्रह्मसरोवर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे काफी समय से खराब पड़े हैं। कृष्णा सर्किट के तहत बजट मिलने के बाद भी ब्रह्मसरोवर को सीसीटीवी की सुरक्षा नहीं दी गई।
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प्रतिबंधित है शिकार
ब्रह्मसरोवर में ब्रिटिश शासन काल से शिकार प्रतिबंधित है। इसका एक शिलालेखी भी ब्रह्मसरोवर पर विद्यमान है। इसमें ब्रिटिश अधिकारियों के आदेश अंग्रेजी और फारसी भाषा में लिखे गए हैं। इस फरमान में सरोवर से मछली पकड़ने पर भी बैन लगाया गया है।

ब्रह्मसरोवर पर गश्त करते पर्यटन पुलिस के मुलाजिम। संवाद- फोटो : Kurukshetra

ब्रह्मसरोवर के मुख्य गेट के बाहर खड़ी डायल 112 की गाड़ी। संवाद- फोटो : Kurukshetra

ब्रह्मसरोवर के वीआईपी घाट पर जाल में फंसी मछली। संवाद- फोटो : Kurukshetra

ब्रह्मसरोवर के वीआईपी घाट पर जाल में फंसे कछुए। संवाद- फोटो : Kurukshetra

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