पिहोवा में भारत-पाकिस्तान में लंबे समय से चल रही तनावबाजी व खींचतान दूर करने तथा दोनों देशों के लोगों में आपसी भाइचारा कायम करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एक अगस्त से साइकिलों पर शांति रैली पर निकले हैं।
सभी विद्यार्थी दिल्ली से चलकर बाघा बॉर्डर पहुंचकर स्वतंत्रता दिवस मनाएंगेे। शांति रैली देर रात्रि पिहोवा में माता बाला सुंदरी मंदिर पहुंची, जहां मंदिर कमेटी के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।
शांति रैली के मुखिया प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि विभाजन के बाद से ही दोनों देशों में भाईचारा न रहकर हर समय युद्ध की स्थिति बनी रहती है।
ऐसी स्थिति में दोनों देशों के लोगों द्वारा एक-दूसरे को समाप्त करने के लिए अरबों रुपये हथियारों तथा युद्धों पर ही खर्च हो चुका है, जबकि दोनों देशों में गरीबी, भुखमरी तथा लाचारी से हजारों लोग अपनी जान गवां रहे हैं।
विद्यार्थियों ने बताया कि वह एक-दूसरे के प्रति बढ़ रहे विरोध को खत्म करके आपसी सौहार्द व भाईचारा कायम करके शांति चाहते हैं।
अरबों रुपये हथियारों की बजाय शिक्षा, भोजन व चिकित्सा जैसी सुविधाओं पर खर्च करने चाहिए। उन्होंने कहा कि आपसी भाईचारा तथा अमन-शांति युवा वर्ग के संघर्ष द्वारा ही संभावित है।
इसी सौहार्द को कायम करने के लिए युवा साइकिलों पर विभिन्न शहरों तथा देहातों में लोगों से मिलकर शांति रैली के माध्यम से शांति का संदेश दे रहे हैं।
इस अवसर पर शांति रैली के सदस्य आयुश, हितेश, हिमांशू, दीपा उदय रोबेकर, नुमान अहमद खान, गौरव ठाकुर, योगेंद्र, जोगेंद्र, स्पर्श, हर्ष, ओमकार, आज़ाद, अनुप गुरूंग, आनंद पांडेय, सोहित, बादशाह, वरुण पाल व गौरव कुमार के अलावा मंदिर कमेटी के सदस्य सुरेंद्र गोयल, संजू गुप्ता, सतप्रकाश मंगला, तरसेम वर्मा व संजू कुकरेजा सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।