कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार में निरंतर चल रही 41 दिवसीय पंच धूनी अग्नि तपस्या में बैठे महंत राजेंद्र पुरी ने कहा कि हिंदुत्व एवं सनातनी होना गर्व को बात है। हिंदू बनने के लिए सिर्फ खुद को हिंदू बताना और प्रवचन सुनना काफी नहीं होगा। यह साधु, संतों व महात्माओं की जिम्मेवारी है कि लोगों को वास्तविकता से अवगत करवाएं।
महंत ने कहा कि हिंदू धर्म में हवन यज्ञ को सबसे पवित्र कार्य बताया गया है। हवन करना ही अपने आप में विशेष है। कई देशों के वैज्ञानिक जो धर्म की बजाय अनुसंधान को महत्व देते हैं, उन्होंने ने भी अपने अनुसंधान में माना है कि वैज्ञानिक दृष्टि से हवन से निकलने वाले अग्रि के ताप और उसमें आहुति के लिए उपयोग की जाने वाली हवन की प्राकृतिक सामग्री वातावरण में फैले रोगाणु और विषाणुओं को नष्ट करती है और प्रदूषण को भी मिटाने में सहायक होती है। महंत ने कहा कि हर हिंदू को अधिक रीति रिवाजों का चाहे पता न हो, कम से कम आम की लकड़ी और गाय के देसी घी से घर पर हवन अगर स्वयं भी कर लिया जाए तो फल जरूर मिलेगा।