पिपली। श्री राम मंदिर में भागवत कथा रविवार को सातवें दिन भी जारी रही, जिसमें कथावाचक अनिल शास्त्री ने धर्म शास्त्रों में आठ प्रकार के विवाह का वर्णन किया गया है। उन्होंने कहा कि हिंदू शास्त्रों के अनुसार आठ प्रकार भी बताए गए हैं। ब्रह्म, दैव, आर्ष, प्राजापत्य, असुर, गन्धर्व, राक्षस व पैशाच विवाह के आठ प्रकार हैं। उन्होंने ब्रह्म विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि अच्छे शील स्वभाव व उत्तम कुल के वर से कन्या का विवाह उसकी सहमति व वैदिक रीति से करना ब्रह्म विवाह कहलाता है। इसमें वर व वधु से किसी तरह की जबरदस्ती नहीं होती। कुल व गोत्र का विशेष ध्यान रखकर ये विवाह शुभ मुहूर्त में किया जाता है। उन्होंने बताया कि ब्रह्म विवाह से ही गृहस्थ जीवन की परिपूर्णता है। इस अवसर पर वेद प्रकाश पोपली, केवल कृष्ण छाबड़ा, सुरेंद्र सिंह मनियानी राजीव सूरी प्रदीप कुंद्रा ने व्यास पीठ का पूजन किया। आरती में शामिल मंदिर प्रधान प्रवीण रहेजा, पुजारी राजीव कौशिक, पूर्व उप पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र मोहिनी, नीतीश राव, कमल कक्कड़, कृष्णा गुप्ता सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।