कुरुक्षेत्र। सैन सभा धर्मशाला में पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में चर्चा करते पिछड़ा समाज के लोग। संवाद
कुरुक्षेत्र। सैन सभा धर्मशाला में पिछड़ा वर्ग की ओर से सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में प्रदेश भर से पिछड़ा वर्ग समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में प्रदेश सरकार द्वारा नौकरियों में आरक्षण से लेकर प्रतिनिधित्व एवं बैकलॉग को पूरा करने की मांगों के अलावा कई अन्य विषयों पर चर्चा की गई। सम्मेलन में रविंद्र धीमान ने बताया कि 17 सितंबर 2021 को प्रदेश सरकार की ओर से अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें पिछड़ा वर्ग के प्रमाणपत्र बनवाने हेतु छह लाख रुपये की आय सीमा रख दी गई थी और उसमें वेतन व कृषि को आय माना गया है। इसको लेकर पिछड़ा वर्ग के लोगों में गहरा रोष है।
उन्होंने बताया कि आय की इस सीमा के कारण उनके बच्चों को न तो अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला मिल पा रहा है और न ही उन्हें सरकारी नौकरियों में पूरा आरक्षण का लाभ मिल रहा है। इससे पिछड़ा वर्ग के युवा नौकरियों से पूरी तरह वंचित रह गए है। पिछड़ा वर्ग के लोगों ने सम्मेलन में हिस्सा लेकर प्रदेश सरकार से ग्रुप ए, बी के पदों में भी 27% आरक्षण केंद्र सरकार की तर्ज पर दिए जाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त जाति अनुसार ओबीसी को आरक्षण देने, पंचायत से लेकर संसद तक पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व देने, 2021 के नोटिफिकेशन को रद्द करने और पिछड़ा वर्ग कमिशन को संवैधानिक दर्जा दिए जाने की मांग भी पिछड़ा वर्ग के लोगों ने की है।
महिपाल ने बताया कि जल्द ही पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर उनकी मांगों को जल्द से पूरा करवाने की मांग करेगा। इस मौके पर डॉ. महिपाल, डॉ. गौरव सैनी, राजेश सैन, अमरजीत पांचाल, डॉ. दीपक सैनी, मनीष, राजकुमार कश्यप, सुभाष पटवा, दयानंद, रुपिंदर, जगमोहन, ओमपाल कश्यप, परमिंदर सिंह, तरसेम सिंह, एडवोकेट संजीव कश्यप आदि मौजूद रहे।