कुरुक्षेत्र। नैसी गांव में स्वास्थ्य शिविर में जांच करते चिकित्सक। संवाद
कुरुक्षेत्र। मारकंडा शांत होने व बारिश थम जाने के चलते जिले के शाहाबाद, इस्माईलाबाद व पिहोवा क्षेत्रों में बाढ़ से अब राहत मिलने लगी है लेकिन इन प्रभावित क्षेत्रों के गांव के लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बदलते मौसम के बीच बुखार, उल्टी, दस्त व चर्म रोग के मरीज बढ़ रहे हैं।
विभाग ने 3 सितंबर से लेकर अब तक 350 जांच शिविर लगाकर करीब पांच हजार लोगों के स्वास्थ्य को जांचा है जिनमें से करीब 1500 लोग बीमार पाए गए हैं। सभी मरीजों का स्वास्थ्य विभाग के पास इलाज चल रहा है। अब मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है, तीन दिनों में ही चार गुना मरीज बढ़ गए हैं। कैंप में अब तक बुखार के 420, उलटी व दस्त के 377, चर्म रोग के 320 मरीज आ चुके हैं। इसके अलावा भी अन्य कई बीमारियों से लोग पीड़ित हैं। विभाग की टीमें निरंतर क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी तक 350 कैंप लगाए जा चुके हैं।
डेंगू व मलेरिया रोकथाम के लिए विभाग गंभीर : स्वास्थ्य विभाग की 136 टीमें इन दिनों बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने में जुटी हुई हैं। हर रोज डोर टू डोर जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं। बीमारियों के लक्षण मिलने पर लोगों को दवा के साथ-साथ टीम सदस्य जागरूक भी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को मलेरिया व डेंगू के लक्षण बचाव के लिए सचेत कर रही है। ऐसे मौसम में डेंगू व मलेरिया के मामले बढ़ने की सबसे ज्यादा संभावना रहती है।
विभाग ने 550 जगहों से भरे पानी के सैंपल : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गंदे पानी की समस्या ज्यादा बन रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग पीने के पानी के सैंपल भर रहा है। विभाग अभी तक पानी के 550 सैंपल भर चुका है। इनमें से करीब 43 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को पीने के पानी में क्लोरिन की गोली डालने के बाद पीने की सलाह दे रहा है।