कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में कलाकारों की ओर से तैयार की गई लाल बाग के राजा की मूर्तियां।
कुरुक्षेत्र। लाल बाग के राजा गणपति बप्पा इस बार 19 सितंबर से विराजमान होंगे। इसके लिए जहां बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है तो वहीं बाजारों में दुकानों पर मौजूद तरह-तरह की मूर्तियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। बाजारों में 150 रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक की मूर्तियां खरीदने के लिए युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है, जबकि पिछले कई वर्षों से लाल बाग के राजा की मूर्तियां तैयार कर रहे कलाकारों की ओर से तैयार की गई मूर्तियों को देखकर हर कोई तारीफ कर रहा है।
वहीं गणपति महोत्सव को लेकर घरों में भी तैयारी की जा रही है। लाल बाग के राजा की पूजा के लिए हर साल गणपति महोत्सव पूरे 10 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है, हररोज बप्पा के भजनों पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं और अनंत चतुर्दशी के दिन इस उत्सव का समापन होता है। गणपति महोत्सव के लिए ढोल नगाड़ों के साथ बड़ी धूमधाम से लाल बाग के राजा को घरों और महोत्सव स्थलों पर विराजमान कराया जाता है और 10 दिनों तक चलने वाले महोत्सव के दौरान हर ओर गणपति बप्पा मोरया के जयकारे सुनाई पड़ते हैं। गणपति बुद्धि और शुभता के देवता हैं और उन्हें विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है। वहीं किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले गणपति बप्पा की पूजा का विधान भी है।
गणपति महोत्सव 19 सितंबर से : प्रेम
पंडित प्रेम कुमार शर्मा का कहना है कि किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले गणपति भगवान की पूजा जरूरी होती है उसके बाद ही पूजा अर्चना सफल मानी जाती है। इस बार गणपति महोत्सव 19 से 28 सितंबर तक चलेगा, इस महोत्सव के दौरान शहर और घरों में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और 28 सितंबर को ढोल नगाड़ों के साथ गणपति बप्पा की मूर्ति का विसर्जन चलते जल में किया जाएगा।
श्रद्धालु दिखा रहे रुचि : दिनेश
मूर्ति कलाकार दिनेश कुमार का कहना है कि वे 10 वर्षों से मूर्ति बनाने का काम कर रहे हैं। इस बार गणपति महोत्सव के लिए 150 रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक की मूर्तियां उपलब्ध है। 19 सितंबर से शुरू होने वाले गणपति महोत्सव को लेकर लोग गणपति बप्पा की मूर्तियां खरीदने के लिए काफी रुचि दिखा रहे हैं।
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में कलाकारों की ओर से तैयार की गई लाल बाग के राजा की मूर्तियां।