कुरुक्षेत्र। उज्जैन व भोपाल में गीता जयंती के दिन 11 दिसंबर को पांच हजार कृष्ण भक्त एक साथ गीता पाठ कर विश्व रिकॉर्ड बनाऐंगे। यहीं नहीं अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में भी ऑनलाइन प्रणाली से जुड़कर पवित्र ग्रंथ गीता के 18 अध्यायों के साथ पूरे विश्व को जोड़ने का प्रयास होगा। यह कहना है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव का। वे सोमवार को ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के संत सम्मेलन में बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने गीता ज्ञान संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में भी शिरकत की।
उन्होंने गीता को नमन किया और कहा कि पूरी दुनिया के लोग पवित्र ग्रंथ गीता के प्रकाश से ज्ञान अर्जित कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन उपदेशों की ताकत से ही दुनिया के कोने-कोने तक पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को पहुंचाने का काम किया। इस ग्रंथ के प्रकाश को जन-जन तक पहुंचाने में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद की भूमिका को कभी भूलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से गुरुकुल परंपरा को धरातल पर लागू किया जा रहा है और पाठ्यक्रम में भी पवित्र ग्रंथ के उपदेशों को शामिल किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं में सरकार की तरफ से गीता भवन बनाने के लिए बजट जारी किया है। हर यूएलबी में टाउन हॉल के साथ गीता भवन का निर्माण होने से समाज में एक नया परिवर्तन आएगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में उज्जैन से मथुरा तक कृष्ण पथ की योजना तैयार की गई है। इस पथ पर तीर्थ स्थल विकसित किए जाएंगे और भगवान श्रीकृष्ण की 64 कलाओं और 14 विद्याओं को लेकर भी कृष्ण संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। कहा कि मध्य प्रदेश में गो माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 2028 में उज्जैन के कुंभ में सभी अस्थाई अखाड़ों और धार्मिक भवनों को स्थाईन रुप से विकसित किया जाएगा। यह विकास विस्तारित योजना के तहत किया जाएगा। इस धार्मिक स्थल को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गीता महोत्सव से वे बेहद प्रभावित हैं।