फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: पिहोवा, इस्माईलाबाद रूट बंद, 50 गांवों का संपर्क टूटा, एक की मौत

Sat, 15 Jul 2023 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। जिला में शुक्रवार को बाढ़ के चलते जलभराव कम होने से कहीं राहत मिली तो कहीं हालात देर रात तक गंभीर बने रहे। 50 से ज्यादा गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा रहा जबकि पिहोवा व इस्माईलाबाद रूट भी बंद रहे। पिहोवा से पटियाला रूट भी बहाल नहीं हो सका। वहीं, बाबैन में बाढ़ का पानी जानलेवा साबित हुआ, जहां डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
विज्ञापन

मारकंडा नदी में पानी का स्तर कम होने पर राहत मिली। सुबह दस बजे 31110 क्यूसेक पानी बह रहा था वही शाम को यह करीब 25 हजार तक पहुंच गया। वहीं, नरवाना ब्रांच नहर का टूटा तटबंध कड़ी मशक्कत के बाद दुरुस्त कर लिया गया है, जबकि गांव दबखेड़ी के पास ड्रेन की टूटी पटरी से पानी का खेतों व आबादी की ओर बहाव जारी रहा। वहीं, गांव नैंसी के पास मारकंडा का टूटा किनारा भी ठीक नहीं किया जा सका। ऐसे में फिलहाल बाढ़ से लोगों को बड़ी राहत नहीं है और जिले के दर्जनों गांव अलर्ट पर रहे। वहीं अभी भी जिला भर में एक लाख 25 हजार से ज्यादा एकड़ खेत में जलभराव है।

बॉक्स
शहर की कई कॉलोनियों में अभी जलभराव
शहर के दीदार नगर, शांति नगर, नरकातारी रोड सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों ने उस समय राहत की सांस ली जब शुक्रवार शाम तक डेढ़ से दो फीट तक जलभराव कम हुआ। शहर के सरस्वती कॉलोनी, डीडी कॉलोनी, कामरेड कॉलोनी, खेड़ी मारकंडा व आसपास के एरिया में जलभराव अधिक रहा जबकि मोहननगर के बाहरी छोर का हिस्सा भी जलभराव की चपेट में रहा। यहीं नहीं कीर्ति नगर व आसपास का एरिया में भी जलभराव रहा।
विज्ञापन



बॉक्स
पिहोवा का ये इलाका अभी डूबा
तूड़ कॉलोनी व आसपास के एरिया के अलावा शांतिनगर कुरड़ी, माजरी खुर्द, मांगना, झिंवरेहड़ी, दीवाना, कराह साहब, अध्योया व झांसा सहित कई अन्य गांवों में जलभराव रहा। इनके साथ कई गांव अलर्ट पर भी रहे। एसडीएम सोनू राम के मुताबिक अभी जलभराव वाले गांवों का संपर्क उपमंडल व जिला मुख्यालय से कटा हुआ है।

बॉक्स
203 स्कूलों में भरा है बाढ़ का पानी
जिला प्रशासन ने बाढ़ के हालात व बारिश की संभावना के चलते शनिवार को भी स्कूलों की छुट्टी रखने के आदेश दिए हैं। वहीं जिला के 203 स्कूलों में जलभराव हुआ। इनमें से अनेकों स्कूलों में अगले कई दिनों तक भी राहत की उम्मीद नहीं।


बॉक्स

बाढ़ के पानी में डूबा कमलफूल

बाबैन। गांव रामशरण माजरा की वाल्मिकी बस्ती में बारिश के चलते आई बाढ़ के पानी में गांव निवासी कमलफूल की पानी में डूबने से मौत हो गई है। वह बाबैन से अपनी बस्ती की और जा रहा था। पैर फिसलने से वह पानी के बीच गहरे गड्ढे में गिर गया और बाहर नहीं निकला सका। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एलएनजेपी सिविल अस्पताल कुरुक्षेत्र भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें