शाहाबाद/ पिहोवा। पुलिस द्वारा पंजाब को जाने वाले मार्ग बंद कर दिए जाने व इसकी सही वैकल्पिक व्यवस्था न बना पाने के चलते ग्रामीणों व अन्य राहगीरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। आसपास के ग्रामीणों के साथ-साथ दूसरे राहगीरों को पैदल ही सीमा पार करनी पड़ी तो वहीं शाहाबाद में कई-कई किलोमीटर तक देर रात को भी जाम के हालात बने रहे। शाहाबाद में पुलिस द्वारा रविवार सुबह दिल्ली से होकर अंबाला, चडीगढ़, राजपुरा और अमृतसर वाया शाहाबाद जाने वाले वाहनों को मारकंडा पुल के बाद नेशनल हाईवे से डायवर्ट करके साहा रोड के रास्ते पंचकूला साइड भेजा जाता रहा।
हालांकि अंबाला शहर तक किसानों की कोई आवाजाही नहीं थी, लेकिन पुलिस रूट डायवर्ट कर लोगों को उलझाती रही। यहां पुलिस ने वाहनों को सुबह से दोपहर तक साहा रोड की तरफ डायवर्ट किया, लेकिन दोपहर बाद नाका खोल दिया गया और वाहन फिर अंबाला की ओर जाने लगे। वहीं शाम को भी बड़ी संख्या में राहगीर पुलिस के रूट डायवर्ट के फेर में फंसे रहे। तैनात किए गए पुलिसकर्मी किसी भी स्तर पर यातायात को सुचारू नहीं कर पाए और देर शाम को भी जाम के हालात बने रहे। पुलिस कर्मी राहगीरों को सही रास्ता बताने की बजाय आगे निकलने का इशारा करते रहे, जिससे यातायात व्यवस्था बिगड़ी रही और देर रात तक ऐसे ही हालात बने रहे।
उधर, हरियाणा से पिहोवा होते हुए पंजाब जाने वाली बसों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है वहीं पंजाब की ओर जाने वाली रोडवेज बस को कलसा बस अड्डे तक जाने की इजाजत है। इसके बाद करीब दो किलोमीटर का रास्ता यात्री पैदल ही तय करते रहे। इसी तरह पंजाब से आने वाले लोगों को भी पैदल ही हरियाणा की सीमा में प्रवेश करना पड़ा रहा है।
यहां-वहां से गुजरने को मजबूर हुए राहगीर
मुख्य रास्ता बंद होने से वाहन चालक वैकल्पिक मार्गों का चयन कर रहे हैं। पिहोवा से पटियाला जाने वाले लोग जुल्मत के रास्ते पंजाब के बुधमर गांव पहुंचते हैं। इसी तरह उस तरफ से आने वाले लोग भी इसी मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। उधर, इस्माईलाबाद में भी पंजाब के देवीगढ़ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को गांव कुम्हार माजरा के पास पूरी तरह से बंद किया हुआ है। ऐसे में राहगीरों को काठगढ़ गांव से होते हुए पटियाला के गांव झुंगियां से होकर जाना पड़ रहा है और यहां भी पुलिस की कड़ी निगरानी है। पुलिस प्रशासन ने पिहोवा के कलसा गांव के बस अड्डे के पास भी नाका लगाया हुआ है।
चलने-फिरने में असमर्थ, पैदल ही तय करना पड़ा सफर : सुरेंद्र कौर
पटियाला से आई सुरेंद्र कौर ने बताया कि उसे बॉर्डर से सटे बोधनी गांव के नशा मुक्ति केंद्र में अपने रिश्तेदार से मिलने जाना था, मगर बस ने उनको मारकंडा पुल के पहले ही उतार दिया। उसके पिता चलने-फिरने में असमर्थ है। उनको पैदल ही जाना पड़ रहा है। सरकार को लोगों की सुविधा के लिए व्यवस्था करनी चाहिए।
डीसी बोले, नहीं आने दी जाएगी परेशानी
जाम में फंसे राहगीरों के हालात को लेकर एसपी एसएस भौरिया से संपर्क करना चाहा, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि लोगों को वैकल्पिक मार्गों से कोई परेशानी न हो, इसके लिए वे भी प्रयास कर रहे हैं। एसपी से बात कर व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी।
बनाई गई है छह स्तरीय सुरक्षा, कीलें बिछाने की तैयारी
पंजाब के किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए सीमा को सील किया गया है। इन सीमेंटेड ब्लॉक को कतारबद्ध रखकर बीच में कंक्रीट डाला जा रहा है। मुख्यतः पटियाला-पिहोवा रोड पर ट्यूकर बॉर्डर के मारकंडा पुल पर 15 फुट तक कड़ा बंदोबस्त किया गया है। यहां छह लेयर की सुरक्षा का प्रबंध है, जिसे तोड़ना किसानों के लिए मुश्किल लग रहा है, क्योंकि प्रशासन ने सीमेंटेड ब्लाॅक के बीच कंक्रीट को भरवा दिया है। इसके अलावा प्रशासन पुल पर कीलें बिछाने, कंटीले तार लगाने और लोहे की नुकीले जंगले भी ब्लॉक के साथ लगाने की तैयारी कर ली है। तीन रोड रोलर का भी बंदोबस्त किया है।