खरीद शुरू न होने और सरकार द्वारा निर्धारित 17 प्रतिशत नमी वाली धान ही खरीदी जाने के फैैसले को लेकर किसानों और आढ़तियों ने बुधवार को मंडियों के बाहर सड़कें जाम कीं। जिले में थानेसर, पिहोवा, लाडवा, शाहाबाद, इस्माईलाबाद और बाबैन सब जगह मंडियों के बाहर बैठ किसानों ने सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी ने जिले की हर एक मंडी में पहुंच किसानों को संबोधित किया।
थानेसर में नई अनाज मंडी के पास पहले पायलट चौक और फिर बीआर इंटरनेशन चौक पर जाम लगाया गया, शाहाबाद में पहले किसान उधम सिंह चौक पर एकत्रित हुए, जिसके बाद अनाजमंडी की ओर कूच करते हुए वहां जाम लगा दिया। किसानों ने जजपा विधायक रामकरण काला से त्यागपत्र देने की मांग भी की। वहीं, पिहोवा में मंगलवार से किसानों का धरना जारी रहा। यहां किसानों ने मांगें न माने जाने पर अनिश्चित कालीन धरने का एलान कर दिया। किसानों ने रात भर नेशनल हाईवे 65 पर अनाज मंडी मोड़ के पास डेरा जमाए रखा। इसके अलावा ईस्माइलाबाद और बाबैन में भी सड़कें जाम कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। किसानों के धरने प्रदर्शन के बीच मंडियों में खरीद भी शुरू हुई, दोपहर तक जिलेभर की मंडियों से दोपहर एक बजे तक 35 हजार क्विंटल धान की खरीद की गई। कई जगह खरीद एजेंसियों को किसान और आढ़तियों के विरोध का सामना करने हुए खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। किसनों का कहना है कि सरकार द्वारा सिर्फ 17 प्रतिशत नमी वाला धान ही खरीदा जा रहा है। 17 प्रतिशत नमी का धान 100 में से सिर्फ 20 प्रतिशत ही मिलेगा। ऐसे में उनकी मांग है कि सरकार उनका 22 प्रतिशत नमी का धान भी खरीद ले, किसान नमी वाले धान पर कट लगवाने के लिए तैयार हैं, बस किसी तरह से उनकी फसल की खरीद की जाए।
बिना आढ़ती के धान खरीद के आए आदेश
रात को मार्केट कमेटी सचिव के पास बिना आढ़ती और राइस मिलर के सीधे तौर पर धान खरीद करने के आदेश आए। इसको लेकर मार्केट कमेटी कार्यालय में करीब 12 कांटे भेजे गए तथा धान की खरीद करने के लिए नायब तहसीलदार, मार्केट कमेटी सचिव और दोनों खरीद एजेंसी के इंस्पेक्टर की ड्यूटी लगाई गई। खरीदे गए धान की तुलाई के लिए गांव के सरपंच और बीडीपीओ के जिम्मे लेवर उपलब्ध करवाने के आदेश दिए गए। तुले हुए माल को राइस मिलर के पास न भेज कर स्कूल और अन्य सरकारी स्थानों पर रखने की जगह निर्धारित करने के आदेश दिए गए। सरकारी आदेशों को लेकर मार्केट कमेटी सचिव और खरीद एजेंसी के इंस्पेक्टर ने धान की खरीद शुरू की, जिससे जिले की मंडियों खरीद शुरू हुई।
इस्माईलाबाद में पांचवें दिन भी धान खरीद का कार्य सुचारू रूप से नहीं चल पाया। खरीद न होने से गुस्साए किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले अनाजमंडी के सामने हाईवे पर जाम लगा कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे पहले किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय और अनाजमंडी के दोनों गेटों को ताले लगा कर सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की और सरकार से धान खरीद करने की मांग की। जाम व धरने की सूचना मिलते ही एसडीएम सोनू राम, डीएसपी गुरमेल सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान अपनी मांगों को लेकर अडे़ रहे। धरने पर किसानों के साथ मौजूद आढ़तियों ने भी किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती तब तक वेे सरकार द्वारा खरीद में कोई सहयोग नहीं देंगे। हालांकि सरकार के आदेश पर मार्केट कमेटी सचिव व खरीद एजेंसी के इंस्पेक्टर द्वारा खरीद का कार्य प्रात: शुरू भी किया गया। उन्होंने अनाजमंडी से करीब 6300 क्विंटल धान की खरीद भी की, लेकिन खरीदे गए माल की तुलाई और उठान को लेकर आढ़ती व राइस मिलरों से कोई सहमति नहीं बनी। इसके चलते किसान सारा दिन अपनी ढेरी पर सरकार द्वारा खरीदे गए माल के तोल का इंतजार करते रहे। तोल शुरू न होने किसानों का गुस्सा फूट गया और उन्होंने मार्केट कमेटी कार्यालय को ताला जड़ दिया और धान खरीद के पुराने तरीके से खरीद होने की मांग को लेकर अड़े रहे। जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सतीश कुमार भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। इसी तरह गांव ठोल में शाहाबाद कुरुक्षेत्र रोड और गांव झांसा में कुरुक्षेत्र रोड जाम कर और अनाजमंडी के दोनों गेटों को ताला लगा कर किसानों व आढ़तियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर गुरनाम सिंह, राजेश कंसल, बलदेव शर्मा, पुनीत बंसल, परमजीत गुंबर, रमन बंसल, नरेश कुमार, मनजीत सिंह, गौरव, सुखविंद्र सिंह, प्रताप, सोनू, जरनैल सिंह, नरेश जैतपुरा, जसवीर सिंह, जयभगवान, हुकम चंद, झांसा मंडी प्रधान ज्ञानचंद गोयल, श्याम सुंदर सिंगलात, शिव बंसल, मोहनलाल, रणधीर गिल, राजपाल, परमजीत सिंह मौजूद रहे।