कुरुक्षेत्र। संगीत रसिकों के लिए बाजार में आई बांसुरी और वाद्य यंत्र अलगोजा। संवाद
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कुरुक्षेत्र। जन्माष्टमी की तारीख नजदीक आते ही बाजार में कान्हा जी के स्वरूप और उनसे जुड़ी धार्मिक सामग्री की खरीदारी बढ़ गई है। रंग-बिरंगी पोशाकों के साथ मोर चंदे से सजी पगड़ी और मोती-जरकन के मुकुट श्रद्धालुओं को विशेष तौर पर आकर्षित कर रहे हैं। कान्हा जी की बांसुरी और अलगोजा भी संगीत रसिकों और बच्चों की पसंद बने हुए हैं।
बाजार में कान्हा जी के विभिन्न आकार के मुकुट, पगड़ी, पोशाक, बांसुरी, अलगोजा और मोरपंख उपलब्ध हैं। दुकानदारों के अनुसार इस बार आकर्षक डिजाइन और चमकदार कारीगरी वाली धार्मिक सामग्री की मांग अधिक है। साधारण मुकुट करीब 30 रुपये से 100 रुपये तक मिल रहे हैं। मोती और जरकन से सजे आकर्षक मुकुट 150 रुपये से 300 रुपये तक बिक रहे हैं। मोर चंदे से सजी पगड़ी की कीमत 80 रुपये से 250 रुपये तक है। छोटी बांसुरी 20 रुपये से 50 रुपये में उपलब्ध है, जबकि सजावटी बांसुरी 100 रुपये से 400 रुपये तक मिल रही है। अलगोजा भी 50 रुपये से 150 रुपये तक बिक रहा है।
खरीदारों का मानना है कि जन्माष्टमी केवल उत्सव नहीं, बल्कि श्रद्धा और भक्ति का पर्व है। वे लड्डू गोपाल का विशेष शृंगार कर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। ग्राहकों के आगमन से दुकानदारों के चेहरे खिले हुए हैं। दुकानदारों को जन्माष्टमी नजदीक आने पर बिक्री में और तेजी की उम्मीद है।
कुरुक्षेत्र। संगीत रसिकों के लिए बाजार में आई बांसुरी और वाद्य यंत्र अलगोजा। संवाद- फोटो : Archive
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