धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में बनाई जाने वाली प्रदेश की पहली आयुष यूनिवर्सिटी जल्द ही स्थापित होगी। इसके लिए हरियाणा कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी बनाए जाने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर प्रदेश के लोगों को यह जानकारी दी है। इससे कुरुक्षेत्र ही नहीं आस-पास के क्षेत्र के लोगों में भी खुशी की लहर दौड़ गई है।
यह देश की पहली ऐसी यूनिवर्सिटी होगी, जिसमें एक साथ आयुष की पांचों चिकित्सा पद्धतियों की पढ़ाई से लेकर रिसर्च तक एक साथ हो पाएगी। आयुर्वेद की पढ़ाई कर रहे छात्रों में भी सरकार के इस कदम से खुशी छाई हुई है।
प्रदेश के एकमात्र श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं अस्पताल परिसर के साथ ही स्थापित की जाने वाली यूनिवर्सिटी को लेकर पिछले लगभग एक वर्ष से अधिक समय से कवायद शुरू की हुई है। विभाग के निदेशक साकेत कुमार से लेकर अन्य बड़े अधिकारी भी यूनिवर्सिटी बनाए जाने की योजना के चलते यहां दौरा कर चुके हैं।
विभाग के प्रधान सचिव ने भी लगभग डेढ़ माह पहले यहां दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने कालेज प्रबंधन तथा जिला प्रशासन को एक कमेटी गठित कर यूनिवर्सिटी बनाए जाने के लिए आवश्यक खाका तैयार करने के निर्देश दिए थे। जबकि इससे पहले भी एक कमेटी विभाग के निर्देशानुसार गठित एक कमेटी द्वारा प्रपोजल सरकार को भेजा गया था।
विभाग के प्रधान सचिव के दौरे के बाद यूनिवर्सिटी बनाए जाने की कवायद को बल मिला और अब हरियाणा कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब जल्द ही आर्डिनेंस जारी कर दिया जाएगा। सूत्रों अनुसार यह यूनिवर्सिटी देश भर में स्थित आयुष यूनिवर्सिटी से भिन्न होगी, जिसमें आयुर्वेदा, योगा, यूनानी नेयुरोपैथी, सिद्धा व होम्योपेथिक चिकित्सा पद्धतियों की पढ़ाई होगी तो वहीं छात्रों को इन चिकित्सा पद्धतियों में रिसर्च करने का भी मौका मिलेगा। प्रदेश के सभी 8 आयुर्वेदिक कालेज भी इस यूनिवर्सिटी के अंतर्गत होंगे।
सरकार के फैंसले का किया स्वागत
हरियाणा गर्वनमेंट आयुर्वेदिक कालेज टीचर एसेासिएशन ने प्रदेश सरकार के फैंसले का पूरजोर स्वागत किया है। एसोसिएशन के के प्रधान डा अशोक राणा का कहना है कि अभी तक प्रदेश ही नहीं बल्कि देश भर में ऐसी आयुष यूनिवर्सिटी नहीं बन पाई थी, जिसमें एक साथ आयुष की पांचो चिकित्सा पद्वतियों पर पढ़ाई व रिसर्च की जा सके। यह यूनिवर्सिटी बनने से जहां आयुर्वेद को बढ़ावा मिलेगा वहीं इस क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी बेहतर मौका मिल पाएगा।
निदेशक भी कर चुके है कई बार दौरा : डा उषा दत्त
श्री कृष्णा आयुर्वेदिक कालेज प्राचार्या डा उषा दत्त का कहना है कि कालेज की जगह आयुष यूनिवर्सिटी बनाए जाने को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। इसी के चलते ही विभाग के निदेशक भी कई बार दौरा कर चुके है और यूनिवर्सिटी बनाए जाने के बीच आ रही अड़चनों का लगातार समाधान किया जा रहा है।