कुरुक्षेत्र। अपनी मांगों को लेकर पटवारी व कानूनगो फिर हड़ताल पर उतर आए हैं। हालांकि अभी यह हड़ताल सांकेतिक मानी जा रही है, लेकिन बुधवार को शुरू हुई तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन ही इसका असर दिखाई दिया। पटवारी व कानूनगो पटवार भवन परिसर में दिनभर धरना देकर नारेबाजी करते रहे तो वहीं इसके चलते कार्यालय में कुर्सियां खाली पड़ी रही तो लोग काम न होने पर बैरंग लौटने को मजबूर हुए। यहां तक कि तहसील में रजिस्ट्री से लेकर इंतकाल तक के काम भी प्रभावित रहे।
जिले में कानूनगो 17 के करीब है तो वहीं 62 के करीब पटवारी है, जिनके हड़ताल पर जाने के चलते तहसील का काम बाधित हुआ। तहसील में 80 के करीब रजिस्ट्रियां हर रोज होती थी, लेकिन हड़ताल पर जाने के चलते 30 के करीब रजिस्ट्रियां ही हो पाई। पे-ग्रेड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर जिलेभर के पटवारी व कानूनगो दि पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले तीन दिवसीय हड़ताल पर है। इससे तहसील में जहां काम बाधित हुआ तो वहीं पटवारखाने में कामकाज ठप रहा।
पटवारी व कानूनगो सुबह से शाम पांच बजे तक पुराने पटवार खाने में हड़ताल पर रहकर नारेबाजी कर रोष जताया। वहीं पटवारियों और कानूनगो की मांग को लेकर हरियाणा कंप्यूटर प्रोफेशनल्स संघ के कर्मचारियों ने भी उनका समर्थन किया। इस मौके पर मुकेश कुमार, सुरजीत सिंह, अमित, गुलजार सैनी सहित अन्य मौजूद रहे
मांगे नहीं मानी तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल : डॉ. साहब सिंह
एसोसिएशन के जिला के प्रधान डॉ. साहब सिंह ने बताया कि पटवारी व कानूनगो कामकाज का बहिष्कार करके तीन दिवसीय हड़ताल पर है। प्रदेश सरकार से पिछले साल 35,400 का पे स्केल मांगा गया था, लेकिन सरकार की ओर से 3201 पे स्केल दिया गया, जिससे 91 रुपये ही मात्र सैलरी बढ़ पाई, जो कि पटवारियों और कानूनगो के हित में नहीं है। इसलिए पे स्केल बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल की गई है, फिर भी सरकार ने मांगे नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
कुरुक्षेत्र। हड़ताल के कारण पटवार खाने में खाली पड़ी कुर्सियां।संवाद