कुरुक्षेत्र। मौसम परिवर्तन के साथ वायरल बुखार तेजी से फैलने लगा है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। इनमें वायरल बुखार, खांसी-जुकाम, गले में दर्द व अस्थमा के मरीज ज्यादा शामिल हैं। दो-तीन दिन बुखार रहने पर डेंगू होने का डर सताने लगा है। इसलिए लोग मामूली बुखार होने पर भी डेंगू की जांच करा रहे हैं।
सोमवार को एलएनजेपी अस्पताल में कुल 1506 ओपीडी दर्ज की गई, जबकि शनिवार को 1169 ओपीडी हुई थी। इस 1169 में 863 मरीज सामान्य ओपीडी के शामिल थे, जिनमें वायरल बुखार व खांसी-जुकाम के मरीज ज्यादा थे। सोमवार को सामान्य ओपीडी में 600 से ज्यादा मरीज इलाज कराने आए थे। अस्पताल में 15-20 पहले वायरल बुखार के ज्यादा मरीज नहीं थे, लेकिन गत सप्ताह से मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। उधर, बच्चे भी वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। एलएनजेपी में प्रतिदिन 70 से 80 बच्चे वायरल बुखार के इलाज के लिए आ रहे हैं। दो-तीन दिन तक बुखार ठीक न होने पर परिजनों में डेंगू बुखार का डर बना हुआ है। इसलिए परिजन अपने बच्चों की डेंगू की जांच कराने में भी ज्यादा सोच विचार नहीं रहे हैं, उधर चिकित्सक भी मरीजों में जरा से लक्षण मिलने पर उनकी डेंगू की जांच करवा रहे हैं।
प्लेटलेट्स भी हो रहे कम
परामर्शक एवं फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने बताया कि गले में खराश और खांसी-जुकाम, नाक बंद होना, छींक आना और नाक बहना, कमजोरी, थकान, शरीर में दर्द, सिरदर्द, जी-मिचलाना, उल्टी और दस्त वायरल बुखार के लक्षण हैं। वायरल बुखार में कई मरीजों की प्लेटलेट्स भी कम हो जाती हैं। मौसम में परिवर्तन होने से अस्थमा के मरीजों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। सर्दी में अस्थमा रोगियों को अपना ज्यादा ध्यान रखना होगा।
अब तक डेंगू के 22 मामले दर्ज
जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. प्रदीप कुमार ने बताया कि अब तक जिले में डेंगू के 22 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें तीन मामले दूसरे जिले में हुई जांच के शामिल है। सोमवार को 25 डेंगू संदिग्धों के सैंपल लिए गए थे, जिसमें तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इन तीन लोगों का उपचार चल रहा है।
डेंगू के लक्षण और बचाव
-लक्षण: अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों में दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान, जी-मिचलाना, उल्टी आना, दस्त होना।
-बचाव : मच्छरदानी का प्रयोग करें, कहीं भी पानी जमा न होने दें, साफ और सुरक्षित कपड़े पहनें, आसपास गंदा पानी एकत्रित न होने दें, बुखार के समय पानी, नारियल पानी, शिकंजी और तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें।