श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से धार्मिक सजा सुनाए जाने के उपरांत हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने वीरवार को गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का श्री अखंड पाठ साहिब शुरू करवाया। इसका समापन 8 अप्रैल को होगा। समापन के बाद 9 अप्रैल को जगदीश सिंह झींडा श्री हरमंदिर साहिब अमृतसर में जाकर एक घंटे तक जूठे बर्तन साफ करने की सेवा करेंगे। तत्पश्चात श्री अकाल तख्त साहिब पर हाजिर होकर 101 रुपये की देग (प्रसाद) करवाने के बाद वे पंथ में शामिल होने के लिए गुरु चरणों में अरदास करवाएंगे।
गुरुद्वारा साहिब में पत्रकारवार्ता के दौरान जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा 4 अप्रैल को उन्हें सुनाई गई धार्मिक सजा के तहत वे यह कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब का हुकम उनके लिए सर्वोपरि है, जिसे वे इसे कबूल करते हैं। एक प्रश्न के जवाब में जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि हरियाणा में अलग कमेटी का गठन वे हर हाल में करवाएंगे। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस में 7 अप्रैल की तारीख लगी है, जिसके लिए उन्होंने अपनी कानूनी कमेटी को आज दिल्ली रवाना कर दिया है। यह कमेटी अपने वकीलों से विचार-विमर्श करके प्रभावी ढंग से पैरवी करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि एसजीपीसी और पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की मिलीभगत से इस केस को पिछले करीब 3 सालों से लटकाया जा रहा है। केस लटकाने का उद्देश्य हरियाणा के गुरुद्वारा साहिबान से होने वाली करीब 100 करोड़ रुपये की सालाना आमदन को पंजाब ले जाना है। उन्होंने आशंका जाहिर की कि 7 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले एसजीपीसी मेंबर हरभजन सिंह मसाना एक बार फिर मामले को लटकाने के लिए अपना वकील बदलने का आग्रह कर सकते हैं। मगर वे ऐसा किसी भी हालत में नहीं करने देंगे और माननीय उच्चतम न्यायालय से आग्रह करेंगे इस मामले में जल्द निर्णय सुनाया जाए। इस मौके पर उनके साथ अवतार सिंह चक्कू, हजूर सिंह नंबरदार, सरपंच हरमनप्रीत सिंह भी मौजूद रहे।