कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर घंटों रेलगाड़ी का इंतजार करते यात्री। संवाद
कुरुक्षेत्र। किसान आंदोलन का असर पिछले 14 दिनों से रेलगाड़ियों पर पड़ा हुआ है, जिसके चलते जहां रेलवे की आमदनी कम हो रही है तो वहीं यात्रियों को भी हर रोज भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन को अब तक 24 लाख रुपये का फटका लग चुका है। मंगलवार को भी कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर 20 रेलगाड़ियां प्रभावित रही़ं, जिसके चलते स्टेशन पर पहुंचे यात्री घंटों रेलगाड़ियों का इंतजार करते दिखाई दिए। पंजाब के कई शहरों को सफर करने के लिए स्टेशन पर पहुंचे यात्री एक दूसरे से चर्चा करते नजर आए। रेलगाड़ियों का इंतजार करते-करते थक गए यात्री स्टेशन पर आराम फरमाते नजर आए जबकि कोई मोबाइल के माध्यम से रेलगाड़ियों के आने की सूचना पाने की कोशिश में जुटा रहा।
बस का लेना पड़ रहा सहारा : शिवम राठौर
शिवम राठौर का कहना है कि किसान आंदोलन पिछले 14 दिनों से चला हुआ है, जिससे व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। लुधियाना जाने के लिए अब रेलगाड़ी के अलावा बस का सहारा लेना पड़ रहा है। रेलगाड़ी से कम किराया लगता था, लेकिन अब ज्यादा किराए का भुगतान कर बसों से सफर तय करना पड़ रहा है।
किसान आंदोलन का रेलगाड़ियों पर असर : मीणा
स्टेशन अधीक्षक शंकर लाल मीणा का कहना है कि किसान आंदोलन के कारण कई रेलगाड़ियां स्थगित है तो कई रेलगाड़ियों के रूट बदले गए है। पंजाब को जाने वाला रूट प्रभावित है, जबकि चंडीगढ़ रूट पूरी तरह से बहाल है। यात्रियों की कमी स्टेशन पर देखने को मिल रही हैं।