केयू खेल निदेशक अर्जुन अवॉर्डी डॉ. दलेल सिंह ने कहा कि लखनऊ में हुई नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी महिला हॉकी प्रतियोगिता में रेफरी के पक्षपातपूर्ण रवैये के कारण यूनिवर्सिटी को मेजबान लखनऊ यूनिवर्सिटी को जीत मिली है। इस मुकाबले में लखनऊ यूनिवर्सिटी को 2-1 से विजयी घोषित किया गया।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने मैच रेफरी के पक्षपात पूर्ण रवैये का कई बार विरोध किया। इस बीच कई बार मैच भी रुका। आरोप लगाया कि इसके बाद भी रेफरी का पक्षपात जारी रहा। इस बारे में उन्होंने टीम अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
टीम प्रशिक्षक एसके सैनी और मैनेजर आजाद सिंह ने यूनिवर्सिटी को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं के इतिहास में यह सबसे अधिक पक्षपातपूर्ण मैच था। आरोप लगाया कि मेजबान रेफरियों ने न केवल केयू की टीम को हराया, बल्कि इस प्रतियोगिता की प्रबल दोवदार जीएनडीयू अमृतसर की टीम को भी पक्षपात से प्रतियोगिता से बाहर कर दिया।
मैच के खत्म होने के बाद कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के खिलाड़ी रेफरी से मिलने गए और पक्षपात का कारण पूछा। इस पर रेफरी ने एक खिलाड़ी को धक्का दे दिया। विवाद के दौरान लखनऊ यूनिवर्सिटी के खिलाड़ी भी रेफरी के पक्ष में आ गए। इस प्रतियोगिता में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को कांस्य पदक देकर सम्मानित किया गया।
मामला रखा जाएगा एआईयू के सामने : दलेल
डॉ. दलेल सिंह ने कहा कि लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रांगण में 28 जनवरी से एक फरवरी तक नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी महिला हॉकी चैंपियनशिप हुई थी। इसमें रेफरी ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। इस मामले को भारतीय विश्वविद्यालय संघ नई दिल्ली (एआईयू) के समक्ष रखा जाएगा।
एआईयू से मांग की जाएगी कि केयू और लखनऊ विश्वविद्यालय के बीच किसी दूसरी जगह पर हॉकी मैच करवाया जाए और लखनऊ यूनिवर्सिटी को दोबारा मेजबानी का मौका न दिया जाए। हॉकी इंडिया से रैफरी के विरुद्ध भी अपील की जाएगी।