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शिक्षा अधिकारी के बयान पर भड़के अभिभावक

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बैठक के लिए एकत्र हुए पैरेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारी व अभिभावक। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) की ओर से निजी स्कूल संचालकों के साथ बैठक करने के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में दिए गए बयान पर पैरेंट्स एसोसिएशन भड़क गई है। पैरेंट्स एसोसिएशन के जिला प्रधान जेपी सैनी की अगुवाई में शनिवार को हुई बैठक में कहा गया जिला शिक्षा अधिकारी निजी स्कूलों के दबाव में न आकर निष्पक्ष तरीके से कार्य करें। उन्हें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, शिक्षा निदेशालय तथा हरियाणा सरकार के आदेशों को भी जिला शिक्षा अधिकारी ने सख्ती से लागू कराना चाहिए।
एसोसिएशन के जिला प्रधान सैनी ने जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से दिए गए बयान कि बकाया राशि के जमा करने के बाद परिणाम जारी करने की बात पर आपत्ति जताई। आरोप लगाया कि अब तक वार्षिक शुल्क के नाम पर निजी स्कूल संचालक अभिभावकों से लिए गए करोड़ों रुपये की न एडजस्टमेंट हुई और न ही कोई वापसी।
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उधर, अभिभावकों ने आरोप लगाया कि सेक्टर तीन स्थित एक निजी स्कूल में शनिवार को अभिभावकों को मैसेज देकर परीक्षा परिणाम, रिपोर्ट कार्ड वा पेपर दिखाने के लिए बुलाया गया था, लेकिन जब अभिभावक यहां पहुंचे तो उन्हें न तो रिपोर्ट कार्ड दिखाया गया और न ही पेपर दिखाए गए। अभिभावक के तौर पर मौजूद जेपी सैनी व मयंक बजाज ने बताया कि वहां पहले से मौजूद अभिभावकों में रोष था और उन्होंने इसे लेकर प्राचार्य से मिलने का आग्रह किया।
प्राचार्य ने सामूहिक तौर पर अभिभावकों से मिलने से मना कर दिया, जिसके कारण माहौल गरमा गया। हंगामे के बाद प्राचार्य ने चार अभिभावकों को बुलाया। बैठक के दौरान एसोसिएशन के सदस्यों एवं अभिभावकों ने प्राचार्य को जीते गए कोर्ट के आदेशों से अवगत कराया। प्राचार्य ने सेक्टर तीन स्थित निजी स्कूल की अन्य शाखा के प्राचार्य से बात करके आश्वासन दिया कि परीक्षा परिणाम, रिपोर्ट कार्ड व पेपर दिखाने के बारे में रविवार सुबह 10 बजे तक सूचित किया जाएगा।
सैनी ने बताया कि एसोसिएशन शीघ्र ही जिला उपायुक्त को उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाणा, शिक्षा निदेशालय के एनुअल चार्ज, एनसीईआरटी संबंधी आदेशों का अनुपालन करने संबंधी ज्ञापन देकर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग भी करेगी। उन्होंने एक निजी स्कूल की प्राचार्य के बयान की भी निंदा की। कहा कि शिक्षा निदेशालय और उच्च न्यायालय के आदेशों संबंधी अपील डालकर पहली बार अपनी कानूनी हार को अगले स्तर पर चुनौती दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा शिक्षा निदेशालय व एफआरआरसी ने पहले ही इस संबंध में सख्त निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से निजी स्कूलों को पत्र के माध्यम से भेजे जा चुके हैं।
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सीएम से करेंगे अधिकारी, निजी स्कूलों की शिकायत
पैरेंट्स एसोसिएशन की बैठक में उपस्थित सभी अभिभावकों एवं एसोसिएशन के सदस्यों ने जिला शिक्षा अधिकारी के ढुलमुल रवैये की आलोचना की। जिला शिक्षा अधिकारी ने वीरवार को निजी स्कूलों को किसी भी सूरत में परीक्षा परिणाम न रोकने के सख्त आदेश जारी किए थे, लेकिन अगले ही दिन निजी स्कूलों के दबाव में आकर फीस जमा होने के बाद परिणाम जारी करने का बयान दिया। बैठक में फैसला लिया गया कि न्यायालय एवं सरकारी आदेशों का अनुपालन ठीक ढंग से न कराए पाने वाले अधिकारी एवं आदेशों की अवमानना करने वाले निजी स्कूलों की शिकायत अब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल व शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर से करेंगे।
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