परिवहन आयुक्त एवं कुरुक्षेत्र के नोडल अधिकारी डा. एसएस फुलिया ने कहा कि कुरुक्षेत्र जिले में सभी गेंहू खरीद केन्द्रों पर कोरोना वायरस से बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। इसके अलावा खरीद केन्द्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त मात्रा में पुलिस कर्मी की नियुक्ति की जाए और सभी को सेनिटाईजर, गलव्स और मास्क भी उपलब्ध करवाए जाए। \tआयुक्त डा. एसएस फुलिया सोमवार को सर्किट हाउस में कोरोना वायरस से बचाव को लेकर कुरुक्षेत्र जिले में किए गए प्रबंधों को लेकर अधिकारियों की एक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पहले आयुक्त डा. एसएस फुलिया ने उपायुक्त धीरेन्द्र खडगटा से पिछले 21 दिनों में लॉकडाउन के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए कार्यो की फीडबैक रिपोर्ट ली और गेंहू के सीजन में कोरोना वायरस के बचाव को लेकर किए जाने वाले प्रबंधों को लेकर चर्चा की, पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी से सभी खरीद केन्द्रों, कंटेनमैंट जोन में बेरिकेटिंग करने, सुरक्षा कर्मी नियुक्त करने और बफर जोन में सुरक्षा को लेकर किए गए प्रबंधों की फीडबैक ली। इसके अलावा एसडीएम थानेसर अश्विनी मलिक, एसडीएम शाहबाद डा. किरण सिंह, एसडीएम लाडवा अनिल यादव, एसडीएम पिहोवा सोनू कुमार से कोरोना वायरस से बचाव और जरुरतमंद लोगों तक आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए कार्य कर रही यूनिट लेवल कमेटियों की फीडबैक रिपोर्ट भी हासिल की है। \tआयुक्त ने कहा कि गेंहू खरीद का कार्य 20 अप्रैल से शुरु होने जा रहा है, इसलिए इस सीजन में किसानों, व्यापारियों, मजदूरों, अधिकारियों व कर्मचारियों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए हर प्रकार के प्रबंध किए जाने जरुरी है। सभी को मास्क, गलब्स, सेनिटाईजर मुहैया करवाने पर पुरा फोकस रखा जाए। इसके अलावा आयुक्त ने एडीसी वीना हुडा से खरीद कार्यो के लिए मंडियों के अनुसार आढ़तियों और किसानों का शैडयूल, मंडियों और खरीद केन्द्रों में शौचालयों की साफ-सफाई व्यवस्था और अन्य प्रबंधों के बारे में फीडबैक रिपोर्ट लेते हुए कहा कि मंडियों और खरीद केन्द्रों के सभी शौचालयों की निरंतर सफाई करनी जरुरी है और सफाई कर्मचारियों के पास भी पीपीई किट, मास्क, गलब्स, सेनिटाईजर होने जरुरी है। उन्होंने कहा कि मंडिय़ों के मुख्य द्वारों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सभी का नियमित रुप से चैकअप करवाया जाए, थर्मल स्कैनर लगाया जाए और आनलाईन एंट्री, गेट पास और आनलाईन भूगतान के लिए सक्षम की डयूटी लगाने के साथ-साथ किसानों के निकटतम सीएससी सेंटर को भी एक्टिव किया जाए।