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पराली का धुआं हवा घोल रहा जहर, सांस लेना मुश्किल आंखों में बढ़ी जलन

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हर में छाया स्मॉक सड़क से गुजरते लोग । - फोटो : Kurukshetra
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पराली का धुआं और धीमी हवा जहर घोल रही है। जहां खुले आसमान में सांस लेना मुश्किल हुआ है तो आंखों में जलन होने लगी है। कुरुक्षेत्र में वायु प्रदूषण की स्थिति खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। रविवार शाम को एक्सयूआई 222.83 दर्ज किया गया। त्योहारी सीजन के बाद लोगों को सांस लेने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। यही नहीं जहरीली हवा होने के चलते लोगों की आंखों में जलन होने लगी है। जिलाभर के सरकारी एवं निजी अस्पतालों में सांस व आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। चिकित्सकों ने भी इस मौसम में सावधानी बरतने की हिदायतें दी हैं। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण स्तर के चलते पिछले कई दिनों से शहर में स्मॉग छाया हुआ है, जिसके कारण लोगों को आंखों में जलन के साथ ही सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। लोग घर से मास्क पहनकर निकलने लगे हैं।
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पराली जलाने वाले 63 किसानों के खिलाफ हुई एफआईआर दर्ज
उधर, आए दिन बढ़ती स्मॉग के चलते कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। विभाग की ओर से थानेसर, पिहोवा, इस्माईलाबाद, शाहाबाद, पिपली और लाडवा क्षेत्र में पराली जलाने वाले कुल 63 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इनमें से पांच एफआईआर दिवाली के बाद दर्ज की गई।
लगातार बढ़ रहा प्रदूषण का स्तर
-20 अक्तूबर को 337 एक्यूआई
-29 अक्तूबर को 387 एक्यूआई
-30 अक्तूबर को 388 एक्यूआई
-31 अक्तूबर को 424 एक्यूआई
-एक नवंबर को 400 एक्यूआई
-दो नवंबर को 356 एक्यूआई
- तीन नंबर को 222.83 एक्यूआई
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दो दिन तक जिलाभर में रहेगी स्कूलों की छुट्टी
जिला शिक्षा अधिकारी अरूण आश्री ने बताया कि लगातार बढ़ रहे जहरीले धुएं के चलते
जिलाभर के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों की चार व पांच नवंबर की छुट्टी कर दी गई है। इससे पहले फरीदाबाद एवं गुरुग्राम में भी स्कूलों की छुट्टियां की गई है। उन्होंने कहा कि बच्चे बिना किसी काम घर से बाहर न निकले और मास्क का इस्तेमाल करें।
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जहरीली हवा से बढ़े आंख, एलर्जी और सांस के मरीज : विशेषज्ञ
फिजिशियन डॉ. आशीष अनेजा ने बताया कि वातावरण में स्मॉक छाए जाने से हवा जहरीली होती जा रही है, जिसके कारण आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो वहीं एलर्जी के मरीजों में भी बढ़ौतरी हुई है। इस मौसम में लोग मुंह पर मास्क बांधकर घर से बाहर निकले और अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। बताया कि इन दिनों सांस व एलर्जी के मरीजों में 60 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। वहीं एलएनजेपी अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता गोयल ने बताया कि सिविल अस्पताल में रोजाना 30 प्रतिशत मरीज आंखों में जलन से संबंधित उपचार कराने पहुंच रहे हैं। इसके लिए लोगों को सावधानियां बरतनी चाहिए। जब भी बाहर निकले तो आंखों पर चश्मा लगाकर निकले और बार-बार ठंडे पानी से आंखों को धोना चाहिए। अगर ज्यादा परेशानी हो तो चिकित्सक से सलाह लेकर दवा का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
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