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आयुष विवि में पेपर लीक होने का मामला : जांच के लिए बनाई तीन सदस्यीय कमेटी, एक ने नाम वापस लिया

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paper leak - फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय में वीरवार को बीएएमएस की परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पेपर लीक मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. शंभु दयाल की अध्यक्षता में परीक्षा नियंत्रक डॉ. सतीश वत्स व डीन डॉ. मेहता की कमेटी का गठन किया था। तीन सदस्यीय इस कमेटी को एक हफ्ते में पूरे मामले की जांच कर कुलपति को रिपोर्ट सौंपनी थी। लेकिन शुक्रवार को टीम के अध्यक्ष वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. शंभु दयाल ने कुलसचिव को ई-मेल कर अपना नाम कमेटी से वापस लेने के लिए कहा।
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डॉ. शंभु दयाल ने कहा कि उन्हें वकिवि द्वारा आयोजित परीक्षाओं का मुख्य अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इसलिए उनका इस टीम में रहना ठीक नहीं है। वहीं उन्हें परीक्षाओं के दौरान कई सेंटरों पर जाना पड़ता है और ओपीडी भी देखनी होती है, जिस कारण वे गठित कमेटी में भी जांच के लिए समय नहीं देे पाएंगे।
बता दें कि विश्वविद्यालय द्वारा वीरवार को बीएएमएस प्रथम वर्ष में रीअपीयर वाले विद्यार्थियों की पदार्थ विज्ञान विषय पर परीक्षा ली जानी थी। लेकिन परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाने पर यह पेपर रद्द करना पड़ा। पेपर शुरू होने से पहले एक छात्र बंद लिफाफे में विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी को सोल्व किया हुआ प्रश्न पत्र सौंप गया। जिसके बाद प्रशासन सभी सेंटरों पर परीक्षा रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया, जिससे 174 विद्यार्थियों परीक्षा नहीं दे पाए। मामले में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षा भवन की गोपनीय शाखा में तैनात स्टाफ को तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया था।
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जहां से पेपर लीक हुआ वहीं की कमेटी कर रही जांच
पेपर लीक होना एक आपराधिक श्रेणी में आता है, लेकिन वीवी प्रशासन ने इस मामले में पुलिस को कोई मामला दर्ज कराने की बजाए जहां से यह पेपर लीक हुआ, वहीं की टीम का गठन कर दिया। अब इस मामले में विवि की ही कमेटी पूरी रिपोर्ट तैयार करेगी।
मामले की हो उच्च स्तरीय जांच: डॉ. राणा
हरियाणा आयुर्वेदिक टीचर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. अशोक राणा ने कहा कि यह देश के पहले आयुष विश्वविद्यालय में पेपर लीक होने का मामला है। इसलिए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। पेपर लीक होने वाली घटनाओं से बहुत से विद्यार्थियों द्वारा की गई मेहनत खराब हो रही है। इसलिए इस मामले की जांच सिर्फ विवि स्तर पर न करते उच्च स्तर पर की जाए।
जांच कमेटी मेें डॉ. शंभु की जगह डॉ. जितेश कुमार को बनाया सदस्य: कुलसचिव
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए वरिष्ठ प्रो. डॉ शंभू दयाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन उनके ई-मेल आने के बाद अब उनकी जगह डॉ. जितेश कुमार को कमेटी का सदस्य बनाया गया है। कमेटी द्वारा जो भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उस रिपोर्ट के अनुसार ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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