पिछले दिनों बाढ़ के पानी ने शुगर मिल में भारी तबाही मचाई थी जहां पर शुगर मिल के गोदामों में रखी चीनी, शुगर मिल कालोनी के प्रत्येक घर में तथा प्रशासनिक कार्यालयों व वर्कशॉप में करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ था। बुधवार को मारकंडा नदी में पानी आने की सूचना से पूरा प्रशासन अलर्ट पर रहा और जहां कर्मचारियों ने सारे रिकार्ड को ऊपर की जगहों पर रखा वहीं घरों में भी सारा सामान भी सुरक्षित किया गया
एक जेसीबी देर रात तक कार्य करती रही और पानी को मिल में प्रवेश नहीं होने दिया। शुगर मिल के एमडी राजीव की निगरानी में सभी अधिकारी व कर्मचारी पानी पर नजर रखे हुए थे और हर जरूरी बंदोबस्त किए गए थे।उधर एमडी राजीव प्रसाद ने बताया कि मारकंडा नदी के उफान पर होने के चलते 10 जुलाई को सुबह के समय मिल परिसर में चार से पांच फुट स्तर का पानी काफी तेजी से बहना शुरू हो गया है जिस कारण मिल परिसर में बने कार्यालयों, फैक्टरी परिसर, मिल की रिहायशी कालोनी, फैक्टर परिसर, चीनी गोदामों एवं एथनॉल प्लांट के अंदर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।