कुरुक्षेत्र। आग के ढेरों के बीच तप करते महंत राजेंद्र पुरी। स्वयंं
कुरुक्षेत्र। हर वर्ष की भांति सोमवार को जग ज्योति दरबार में मंत्रोच्चारण के साथ भीषण गर्मी के बीच महंत राजेंद्र पुरी ने राष्ट्रहित व सर्व कल्याण की कामना से पंच धूणी कठोर अग्नि तपस्या शुरू की। महंत ने गुरु का आशीर्वाद लेने के उपरांत भजन संकीर्तन के बीच कठोर अग्नि तपस्या प्रारंभ की। महंत ने बताया कि वे हर वर्ष जनकल्याण एवं राष्ट्रहित के लिए आग के ढेरों बीच कठोर तप करते हैं। इस बार यह अग्नि तपस्या प्रभु कृपा से सवा महीने तक चलेगी। उन्होंने बताया कि उनके परिवार की चौथी पीढ़ी इस तप को कर रही है। तपस्या में दर्शन के लिए दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की भी व्यवस्था की गई है। महंत राजेंद्र पुरी ने तपस्या के दौरान श्रद्धालुओं से कहा कि मंदिर, मस्जिद व गुरुद्वारों में जाने से पहले माता पिता की पूजा अवश्य करें साथ ही आशीर्वाद लें। कुछ लोग सवाल करते हैं कि भगवान कहां है तो उनका जवाब है कि तपस्या करने से ही भगवान का अहसास होता है।