कुरुक्षेत्र। थानेसर अनाजमंडी में गेहूं की खरीद व उठान पूरा होने के बाद लगे कबाड़़ के ढेर। संवाद
कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया धान का सीजन निपट गया है। गत दिवस 15 नवंबर को खरीद सीजन पूरा हुआ लेकिन खरीद एजेंसियां तय लक्ष्य से दूर रही। अंतिम दिन 1545 एमटी धान की खरीद की गई, जिसमें से 934 एमटी धान का उठान किया गया। 27 सितंबर से शुरू हुई धान खरीद को लेकर इस बार 11 लाख एमटी से ज्यादा का लक्ष्य रखा गया था लेकिन पूरे सीजन के दौरान एक लाख 58 हजार 650 किसानों का 10 लाख 30 हजार 978 एमटी धान खरीदी जा सकी। इस बार खरीद की गई धान पिछले साल से भी कम रही। पिछले साल करीब 10 लाख 65 हजार एमटी धान खरीदी गई थी।
जिले की 22 अनाजमंडियों में इस सीजन में धान खरीद की गई, जिसमें खाद् एवं पूर्ति विभाग द्वारा आठ लाख नौ हजार 453 एमटी धान की खरीद की गई तो वहीं हैफेड द्वारा दो लाख 51 हजार 525 एमटी धान की खरीद की गई। दोनों ही एजेंसियों द्वारा 100 फीसदी उठान कर लिया गया। वहीं खरीद किए गए धान का 2381 करोड़ का भुगतान भी किसानों को किया जा चुका।
पूरे सीजन के दौरान फूली रही अधिकारियों की सांसें, किसानों ने झेली परेशानी
धान खरीद के सीजन में जहां अधिकारियों की सांसें फूली रही तो वहीं किसानों ने भी बेहतर प्रबंध न होने पाने के चलते भारी परेशानी झेली। सीजन की शुरुआत में ही उठान की बनी समस्या को लेकर अनाजमंडियां अटने लगी थीं तो किसानों को धान सड़कों पर डालने के लिए मजबूर होना पड़ा था। राइस मिलर्स द्वारा अपनी मांगों को लेकर की गई हड़ताल व आढ़तियों द्वारा मांगों को लेकर जताए जाते रहे रोष के चलते करीब 15 दिन तक उठान कार्य नहीं हुआ तो पहले खरीद भी देर से की गई। खरीद जल्दी करवाने को लेकर किसानों ने रोष भी जताना पड़ा था तो सरकार ने तय तारीख से तीन दिन पहले खरीद शुरू की थी।
लगे कबाड़ के ढेर
धान खरीद व उठान का सीजन निपटा तो अब अनामंडियों में कबाड़ के ढेर लगे हैं। ये कब उठेंगे यह कहने को कोई अधिकारी तैयार नहीं है। थानेसर अनाजमंडी में भी कबाड़ के जगह-जगह ढेर लगे हुए हैं, जिसके चलते अब बारीक किस्म की धान डालने के लिए किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
किसानों को सहूलियत के लिए भरसक प्रयास : सैनी
जिला खाद् एवं पूर्ति नियंत्रक सुरेंद्र सैनी का कहना है कि पूरे सीजन के दौरान किसानों को परेशानी से बचाने के लिए भरसक प्रयास किए। सरकारी तौर पर 15 नवंबर को खरीद संपन्न हो गई है और 100 फीसदी उठान व भुगतान भी हो चुका है। इस बार धान खरीद में तय लक्ष्य से कुछ पीछे रहे हैं।