कुरुक्षेत्र। बारिश के इंतजार में इस तरह सूखने लगी रोपाई की गई धान। संवाद
कुरुक्षेत्र। जिले में भीषण गर्मी का कहर लगातार बढ़ रहा है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस पार होने से बाजार, पर्यटन और खेतीबाड़ी पर बुरा असर पड़ रहा है। दोपहर होते ही बाजार और पर्यटन स्थल सूने दिखाई देने लगे हैं।
अनेक जगहों पर रोपे गए धान के खेत सूखने लगे हैं, इसके चलते आगे धान की रोपाई भी ठप हो गई है। पिछले करीब 13 दिन में केवल 10 फीसदी ही धान रोपाई हो पाई है। किसान अब रोपाई से हाथ खींच रहे हैं। मानसून में देरी के कारण बारिश का इंतजार लगातार बढ़ रहा है। जून माह में इस बार नौ फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है, इससे किसान और मजदूर दोनों चिंतित हैं। भीषण गर्मी के कारण बिजली और पानी की खपत भी काफी बढ़ गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार और सोमवार को भी यही तापमान रहने का अनुमान है। उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने ब्रह्मसरोवर और अन्य तालाबों का सहारा लिया। नहरों पर प्रतिबंध के बावजूद युवा उनमें नहाते हुए दिखाई दिए। जिले में इस बार 1 लाख 20 हजार हेक्टेयर रकबे में धान रोपाई का लक्ष्य है।
जुलाई के पहले सप्ताह में राहत के आसार
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले दो से तीन दिन तक भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है। अक्सर 25 जून के बाद मानसून की दस्तक मानी जाती रही लेकिन इस बार जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश होने की उम्मीद है। वरिष्ठ बागवानी विशेषज्ञ डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि दो जुलाई के बाद ही मौसम में बदलाव की ज्यादा संभावना है। उन्होंने बढ़ती गर्मी में सब्जी व फलों की फसलों का अधिक ख्याल रखे जाने की किसानों को सलाह दी है।
किसान बोले- रोकनी पड़ रही धान रोपाई
अभिमन्युपुर के किसान राजीव कुमार व जयपाल का कहना है कि 15 जून से धान रोपाई शुरू हो चुकी और शुरूआत में ही तेजी से कार्य किया जाने लगा। उम्मीद थी कि अगले एक सप्ताह में बारिश होगी और आगे रोपाई कार्य में आसानी होगी, लेकिन बारिश न हो पाने के चलते पहले रोपाई की गई धान की नर्सरी सूखने लगी है। ऊंचाई वाले खेतों में तो दरारें तक दिखाई पड़ने लगी हैं। अब बारिश होने पर ही रोपाई कार्य तेजी पकड़ सकेगा। अधिकतर धान रोपाई ट्यूबवेल या फिर बारिश पर ही निर्भर है। उनका कहना है कि बिहार व उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में मजदूर आए हुए हैं, जिन्हें बारिश न हो पाने के चलते धान रोपाई का कार्य देने में किसान संकोच करने लगे हैं।
कुरुक्षेत्र। बारिश के इंतजार में इस तरह सूखने लगी रोपाई की गई धान। संवाद