प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों में सरकार द्वारा भर्ती करने के विरोध में कुंटिया ने रोष जताया है। सोमवार को कुंटिया कार्यालय में प्रधान नीलकंठ शर्मा की अध्यक्षता में पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार के इस फैसले को विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमला बताते हुए विरोध जताया। बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों ने उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र का विरोध जताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की है कि सरकार के इस फैसले को विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद आगामी अपने किसी बैठक में इसे एजेंड़ों में शामिल न किया जाए, क्योंकि यह विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर सीधे-सीधे हमला है। बैठक में प्रधान नीलकंठ शर्मा ने कहा कि जहां एक तरफ नई शिक्षा नीति के तहत सरकार विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को बढ़ाने की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ विश्वविद्यालयों से भर्तियों के अधिकार को छीन कर उनकी स्वायत्तता पर हमला कर रही है। बताया कि ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी एंप्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर आगामी 18 से 23 नवंबर तक कुंटिया 2 घंटे का रोष प्रदर्शन करेगी। कुंटिया महासचिव रविंद्र तोमर ने बताया कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में संपन्न हुई ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी एंप्लाइज फेडरेशन की बैठक के पश्चात निर्णय लिया गया कि 17 नवंबर को प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को मुख्यमंत्री व राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, ताकि सरकार अपने इस फैसले को तुरंत प्रभाव से वापस लें। बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा भर्तियां अपने हाथ में लेने से राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ जाएगा, जिससे विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता में कमी आएगी। सरकार का यह फैसला यूजीसी की गाइडलाइन के बिल्कुल विपरीत है। कुंटिया सह सचिव अनिल लोहट व प्रेस सचिव रुपेश खन्ना ने कहा कि प्रदेशभर के विश्वविद्यालय अपने स्तर पर शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए विशेषज्ञों का पैनल तैयार करके भर्ती प्रक्रिया को पूरा करते हैं। कहा कि पहले से ही कई सरकारी भर्तियां कानूनी दांव पेंच में फंसी हुई है और अगर सरकार विश्वविद्यालयों में कर्मचारियों की भर्तियां करेगी तो पहले से ही कर्मचारियों की कमी को झेल रहे विश्वविद्यालयों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। बैठक में सभी सदस्यों ने एकमत से हरियाणा सरकार से यह अपील की कि वह अपने फैसले को तुरंत प्रभाव से वापस ले नहीं तो ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी इंप्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर पूरे प्रदेश के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को बचाने के लिए शिक्षक, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ और छात्र एकजुट होकर के इसका डटकर विरोध करेंगे। इस मौके पर वरिष्ठ उप प्रधान पोली राम, कोषाध्यक्ष डॉ. अनिल भुक्कल, कार्यकारिणी सदस्य विजय सिंह, विक्रम कुमार मंडल, सत्यवीर शर्मा, सरोज शर्मा व संदीप सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।