मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2019 तक प्रदेश में 2294 ग्राम सचिवलायों को सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम ग्राम सचिवालय बनाएगी। अब तक प्रदेश में 474 ग्राम सचिवालय स्थापित किए हैं और 56 ग्राम सचिवालयों में नागरिक सेवा केंद्र भी स्थापित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं राज्य सरकार सभी पंचायतों को पहली बार हर वर्ष जनसंख्या के आधार पर एक सुनिश्चित धनराशि विकास कार्यों के लिए स्वर्ण जयंती विकास निधि के रुप में देगी। ओएसडी अमरेंद्र सिंह वीरवार को लाडवा खंड के बदरपुर, छलौंदी, थानेसर के ज्योतिसर और पिहोवा के गुलडेहरा और मंागना गांव में बने ग्राम सचिवालयों का औचक निरीक्षण करने के उपरांत गांवों के सरपंचों और ग्रामीणों से सीएम मनोहर लाल की महत्वाकांक्षी योजनाओं को सांझा कर रहे थे।
इस निरीक्षण के दौरान ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने पिहोवा खंड के मांगना गांव के पटवारी गुरुदर्शन के गैर हाजिर होने और संतोषजनक जवाब न देने तथा ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ-साथ ओएसडी ने ग्राम सचिवालयों की व्यवस्था, शौचालयों, कार्यालयों, कंप्यूटर, अधिकारियों का ग्राम सचिवालय में निर्धारित किया गया शेड्यूल आदि विषयों के बारे में ग्रामीणों से ही फीडबैक ली। ओएसडी ने ग्रामीणों से मिली फीडबैक पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम सचिवालयों में पटवारी का रोजना बैठना सुनिश्चित करेंगे और अन्य अधिकारी भी ग्राम सचिवालयों में रोजाना कम से कम 10 से 12 बजे तक ग्रामीणों की समस्याओं को सुनेंगे।
इतना ही नहीं गांव के सरपंच भी सुबह के समय लोगों की समस्याएं ग्राम सचिवालयों में ही बैठकर सुनें। उन्होंने कहा कि जिला कुरुक्षेत्र में थानेसर खंड के गांव ज्योतिसर में बने ग्राम सचिवालय की तर्ज पर ग्राम सचिवालयों को बनाने का प्रयास करें। इस गांव के ग्राम सचिवालय में पटवारी के निरंतर न बैठने के मामले को गंभीरता से लिया और डीडीपीओ को निर्देश दिए कि अगर शुक्रवार से पटवारी ग्राम सचिवालय में बैठना शुरू नहीं करता तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि ग्राम सचिवालय स्थापित करना सीएम मनोहर लाल की महत्वाकांक्षी योजना हैं। लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से ही सरकार ने गांव में ग्राम सचिवालय स्थापित करने का निर्णय लिया। इन ग्राम सचिवालयों में लोगों को सुविधाएं मिल पा रही हैं या नहीं इसी की फीडबैक लेने के लिए मुख्यमंत्री ने ग्राम सचिवालयों का निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।
इस मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मवीर डागर, विधायक सुभाष सुधा के निजी सचिव अरुण कुमार, डीडीपीओ कपिल शर्मा, बीडीपीओ सुमित सहित गांवों के सरपंच और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों को शहर की तर्ज पर मिलेगी सुविधाएं
ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा स्वर्ण जयंती महाग्राम योजना के प्रथम चरण में 10 हजार या उससे अधिक आबादी वाले गांव में योजनाबद्ध विकास करके शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इन पंचायतों को नगर पंचायतों का दर्जा दिया जाएगा। इतना ही नहीं हर ग्राम पंचायत पंचवर्षीय व वार्षिक आधार पर हमारी योजना-हमारा विकास नामक ग्राम पंचायत विकास योजना बनाएगी।