कुरुक्षेत्र। वर्ष 2018 में अधिक बारिश होने पर खराब हुई फसल का बीमा क्लेम न देने पर किसान ने बीमा कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया था।आयोग ने किसान बलजिंद्र के पक्ष में फैसला सुनाया और बीमा कंपनी को दावा देने व देरी करने पर 1.11 लाख रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर लौटाने के आदेश दिया है।
गांव थाना निवासी बलजिंद्र सिंह ने आयोग को शिकायत दी थी कि उन्होंने जून-जुलाई 2018 में 20.8 एकड़ में धान की फसल की बिजाई की थी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उनके बैंक खाते से लगभग 13,270 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से प्रीमियम राशि काटी गई थी। भारी बारिश के कारण उनकी फसल बर्बाद हो गई, जिसकी सूचना उन्होंने समय पर कृषि विभाग को दी। विभाग ने सर्वे कर बीमा कंपनी को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद बीमा कंपनी ने फसल खराबे पर क्लेम का आश्वासन दिया था लेकिन भुगतान नहीं किया।
बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि बैंक ने प्रीमियम राशि 15 जुलाई की समय-सीमा के बाद 30 जुलाई को जमा की, जिसे कंपनी ने वापस कर दिया। बैंक ने कहा कि प्रीमियम राशि बीमा कंपनी को भेजी गई थी।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. नीलिमा सांगला, सदस्य नीलम और रमेश कुमार की पीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद बीमा कंपनी को 20.8 एकड़ के लिए 5,372 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से कुल 1.11 लाख रुपये ब्याज सहित 45 दिनों के भीतर किसान को भुगतान करने का आदेश दिया। संवाद