शुक्रवार को करीब ढाई बजे शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से जिले के अधिकारियों के पास फरमान आया और आननफानन में स्कूल बंद कर गुरुजी कार्यक्रम में पहुंच गए। ऐसे फरमान के बाद बच्चे, अभिभावक व खुद अध्यापक भी आश्चर्यचकित रह गए। मौका था पिहोवा रोड पर आयोजित किए गए जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए स्वर्ण जयंती किसान सम्मेलन का। जिसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे।
शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से जिले के अधिकारियों के पास फरमान आया कि कई स्कूलों में छुट्टी करवा शिक्षकों को कार्यक्रम में भेजा जाए। स्थानीय अधिकारियों ने भी फरमान को लागू करने में देरी नहीं की और कुछ ही समय के दौरान अनेक स्कूलों में यह फरमान सीधे मोबाइल पर संदेश देकर सुना दिया। कई परिजनों को उस समय झटका लगा जब उन्हें पता चला कि शिक्षकों को किसान सम्मेलन में जाने के आदेशों के चलते समय से पहले छुट्टी कर दी गई।
ऊपर से आया था आदेश : बीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी के अवकाश के चलते जब खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक से बातचीत की तो उन्होंने स्वीकार किया कि कई स्कूलों की छुट्टी समय से पहले करनी पड़ी। इसके लिए व शिक्षकों के किसान सम्मेलन में जाने के लिए ऊपर से आदेश आया था, जिसके बाद ही उन्हें स्थानीय स्तर पर इससे अवगत करवाया गया।
किसान सम्मेलन में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ नहीं पहुंचे
भले ही आठ जिलों में जैविक खेती को लेकर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि मंत्री ओपी धनखड़ नहीं पहुंचे। हालांकि पिछले कई दिनों से उनके आने का प्रचार किया जाता रहा तो वहीं आज सम्मेलन शुरू होने पर भी उनकी बाट जोहते रहे।