शाहाबाद। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में किसानों ने शाहाबाद तहसील कार्यालय परिसर में प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंककर कड़ा रोष जताया। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नेता जसबीर सिंह मामू माजरा ने किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जिस ट्रेड डील पर हस्ताक्षर करने की तैयारी कर रही है, वह किसानों के हितों के खिलाफ है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। आरोप लगाया कि इस समझौते से माध्यम से देश के कृषि क्षेत्र और किसानों को खत्म करने की तैयारी की जा रही है और डील किसानों के लिए डेथ वारंट है।
जसबीर सिंह मामू माजरा ने कहा कि प्रदर्शन के माध्यम से किसानों ने प्रधानमंत्री मोदी को स्पष्ट संदेश दिया है कि किसान विरोधी मानी जा रही डील को तत्काल रद्द किया जाए। सरकार को किसानों और देश के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए कोई निर्णय लेना चाहिए। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भारत सरकार इस ट्रेड डील पर हस्ताक्षर करती है तो सभी किसान संगठन 25 जून को चंडीगढ़ में एकत्रित होकर आंदोलन की अगली रणनीति तय करेंगे।
दावा किया कि ट्रेड डील के खिलाफ शुरू होने वाला आंदोलन पहले के किसान आंदोलनों से भी बड़ा होगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ट्रेड डील को वापस लेने की मांग दोहराई। किसान बोले कि उनकी मांगों की अनदेखी की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर राकेश खानपुर, डाॅ. जसबीर कलसानी, पूर्व सरपंच जगदीश सिंह मदूदा, हरबंस सिंह, छोटूराम मछरौली, प्रीतम बकाना, हाकम सूरा, पवन बैंस, देवीलाल खरींडवा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसानों और मजदूरों के हितों को ध्यान में रखने की उठाई गई मांग
बाबैन। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के आह्वान पर मंगलवार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। रोष मार्च निकालते हुए ट्रेड डील की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया। किसानों ने केंद्र सरकार से इस प्रस्तावित डील को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू (चढ़ूनी) के बाबैन ब्लॉक प्रधान रमेश मंगोली जाटान और जिला अध्यक्ष कृष्ण कलाल माजरा ने किया। बड़ी संख्या में किसान हाथों में झंडे और बैनर लेकर अनाज मंडी से सरस्वती चौक तक रोष मार्च में शामिल हुए। किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ट्रेड डील का विरोध जताया। जिलाध्यक्ष कृष्ण कलाल माजरा ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के हितों के लिए घातक साबित हो सकती है। यदि इस प्रकार की व्यापारिक संधियां लागू होती हैं तो विदेशी कंपनियों और उनके उत्पादों को भारतीय बाजार में अधिक बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय किसान पहले से ही बढ़ती लागत, प्राकृतिक आपदाओं और बाजार की अनिश्चितताओं जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है। ऐसे में विदेशी उत्पादों के लिए बाजार खोलना किसानों की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर सकता है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों और मजदूरों के हितों की अनदेखी कर बड़े कॉर्पोरेट घरानों और विदेशी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियां बना रही है। देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान और मजदूर हैं।
उन्होंने कहा कि किसान संगठन लगातार इस डील का विरोध कर रहे हैं। सरकार से मांग है कि किसानों, मजदूरों और आम जनता के हितों को प्राथमिकता देते हुए इस समझौते को तत्काल रद्द किया जाए। चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेती तो भाकियू (चढ़ूनी) के नेतृत्व में आंदोलन को व्यापक कर जिला एवं राज्य स्तर पर बड़े विरोध कार्यक्रम किए जाएंगे। रोष प्रदर्शन के दौरान किसानों ने एक स्वर में केंद्र सरकार से कृषि हितों की रक्षा, फसलों का लाभकारी मूल्य, किसानों के नुकसान की आशंका वाले किसी भी समझौते को लागू न करने की मांग की। प्रदर्शन में मंडल प्रधान बलकार सिंह, अजैब राणा, शीशपाल मंगोली, गुरनाम बड़तोली, गुरदयाल सूरजगढ़, सुखविंदर भूखड़ी, जयकुमार हमीदपुर, शिवकुमार कलाल माजरा, कर्मवीर मंगोली, जगमाल सिंह चकचानपुर तथा उपकार सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।