कोरोना वारयर के लगातार बढ़ते प्रभाव को देखते हुए गृहमंत्री अनिज विज द्वारा प्रदेश में हर शनिवार व रविवार आवश्यक सेवाओं के अलावा सभी दुकानें बंद रखने के आदेश जारी किए गए, लेकिन जिले में उनके आदेशों को लागू करवाने में प्रशासन ढीला नजर आया। शनिवार सुबह होते ही बाजार खुल गए और आम दिनों की तरह लोग बाजार में खरीदारी करने पहुंचे। सड़कों पर भी आम दिनों की तरह ही वाहनों दौड़ते नजर आए। दुकानें व बाजार खुलने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तुरंत मौके पर जाकर दुकानों को बंद कराया गया। दोपहर तक शहर में खुले बाजार व दुकानों को बंद करवा दिया गया था, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की बात की जाए तो वहां पर सारा दिन दुकानें खुली रहीं।
जिले में कोरोना संक्रमण के प्रभाव की बात की जाए तो लगातार दिन में 50 से ज्यादा पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं। बावजूद इसके लोगों द्वारा बचाव के लिए कोई सावधानी नहीं बरती जाती है। लोगों की लापरवाही के बीच प्रशासन की भी बहुत सी खामियां है। सख्ती न दिखाने के कारण जहां सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ रही हैं, वहीं बिना मास्क लोगों को सड़कों पर घूमते हुए आम देखा जा सकता है। पुलिस प्रशासन द्वारा 11 और 12 अगस्त को बिना मास्क वालों का चालना न करके उन्हें जागरूक किया गया। जिसके बाद बिना मास्क घर से बाहर निकलने वालों का चालान भी 500 रुपये से बढ़ाकर हजार रुपये कर दिया गया, लेकिन सख्ती न होने के कारण लापरवाही कम न हो पाई। लिहाजा प्रदेश के गृह मंत्री द्वारा जब आदेश जारी किए गए तभ भी प्रशासन उनके आदेशों की पालना कराने में ढीला नजर आया।
पूर्णत: बंद रहेंगे बाजार, शापिंग मॉल, सरकारी और निजी कार्यालय : डीसी
डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि देश में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने शनिवार और रविवार को सभी सार्वजनिक एवं निजी कार्यालयों (आवश्यक सेवाओं के अलावा), सभी शॉपिंग मॉल (आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़कर) और सभी बाजार बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत जिले में शनिवार व रविवार को सभी सार्वजनिक, निजी कार्यालय, शापिंग मॉल व बाजार बंद रहेंगे। इस दौरान केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकानें ही खुली रहेंगी। उन्होंने बताया कि ये स्थिति अगले आदेश तक जारी रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश का सार्वजनिक और निजी परिवहन सेवाओं तथा हरियाणा लोक सेवा आयोग और हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित की जा रही परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
आदेशों की पालना के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त
जिला प्रशासन की ओर से इन आदेशों की अनुपालना को लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। डीसी ने कहा इसके अलावा संबंधित क्षेत्र के एसएचओ को आदेशों की पालना करवाना सुनिश्चित करेंगे। इन आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 51 से 60 के और आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर सरकार द्वारा जारी आदेशों की पालना करें और प्रशासन को अपना सहयोग दें।