फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंडियों में धान खरीद के नाम पर चल रही खुली लूट : हुड्डा

विज्ञापन
पिपली। अनाज मंडी में किसानों से बातचीत करते हुए व धान खरीद के दौरान नमी की जांच करवाते हुए नेत - फोटो : kishatwar news
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार को पिपली अनाज मंडी का दौरा किया और किसानों की समस्याएं जानीं। उन्होंने किसानों, मजदूरों और आढ़तियों से बातचीत की। किसानों ने बताया कि सरकार की ओर से तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से उन्हें वंचित किया जा रहा है और मंडियों में खरीद के नाम पर खुली लूट चल रही है।
विज्ञापन

किसानों ने बताया कि मंडी में आने के लिए गेट पास नहीं बन रहे और फसल रखने के लिए भी जगह की कमी है। सरकारी एजेंसियां नमी और काले दाने का बहाना बनाकर धान की खरीद से इन्कार कर रही हैं जिसके चलते किसानों को 500 से 800 रुपये प्रति क्विंटल तक कम रेट पर फसल बेचनी पड़ रही है।
पत्रकार वार्ता में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले धान का रेट 3100 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया था लेकिन अब किसानों को एमएसपी तक नहीं मिल रहा। उन्होंने सरकार से मांग की कि नमी की मात्रा में 22-24 प्रतिशत तक छूट दी जाए और काले दानों की मात्रा में भी राहत देते हुए कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए।
विज्ञापन

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव के कारण किसानों की फसल को 100 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से घोषित 15,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा किसानों के नुकसान की तुलना में ऊंट के मुंह में जीरा है जबकि असली नुकसान 60,000 से 70,000 रुपये प्रति एकड़ तक हुआ है। हुड्डा ने कहा कि सरकार ने किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल, रजिस्ट्रेशन और गेट पास जैसी जटिल प्रक्रियाओं में उलझा दिया है। इस मौके पर पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा, जिला प्रधान मेवा सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें