कुरुक्षेत्र। बिजली निगम के खुले दरबार में शिकायतें सुनने के लिए बैठे एसई मदन गोपाल व एक्सईएन भ
कुरुक्षेत्र। बिजली निगम के खुले दरबार में मंगलवार को एक भी समस्या नहीं आई। शिकायतों के निपटान में टालमटोल व लेटलतीफी की वजह से उपभोक्ताओं का निगम से विश्वास उठने लगा है। समस्या के समाधान के लिए अब उपभोक्ता सीएम हाउस व उपायुक्त कार्यालय में जाकर अपनी समस्या सुनाने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। विभागीय आंकड़ों से भी यही स्पष्ट हो रहा है। बिजली निगम द्वारा हर माह उपभोक्ताओं की समस्या के समाधान के लिए दो दिन खुला दरबार लगाया जा रहा है, जिसमें महज चार से पांच शिकायतें ही निगम के पास पहुंच रही हैं वहीं पोर्टल से आई शिकायतों को तभी बंद किया जाता है जब तक उपभोक्ता अपनी सहमति नहीं जताता। पोर्टल पर सहमति पत्र दिए जाने के बाद ही शिकायत को बंद किया जाता है, जिस वजह से विभागीय अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लेते हैं, वहीं खुले दरबार में शिकायत देने के बाद अधिकारी व कर्मचारी उपभोक्ता को टरकाते रहते हैं।
कब कितनी पहुंची शिकायतें
चार अप्रैल को बिजली निगम के खुले दरबार में चार शिकायतें पहुंची, वहीं 6 मई को चार, 13 मई को एक, 20 मई को एक, 17 जून को 5 शिकायतें पहुंची। जन सेवा पोर्टल पर हर रोज निगम को 10 से 15 शिकायतें मिल रही हैं।
कई जगहों पर हो रही उपभोक्ताओं की सुनवाई : मदन गोपाल
बिजली निगम के एसई मदन गोपाल जिंदल ने बताया कि उपभोक्ताओं की समस्या के समाधान के लिए कई जगहों पर लोगों की सुनवाई हो रही है। लोग जन सेवा पोर्टल पर भी अपनी शिकायतें भेज रहे हैं, वहीं रोजाना सब डिवीजन में भी शिकायतें दे रहे हैं। इसी वजह से खुले दरबार में कम शिकायतें आ रही हैं।