कुरुक्षेत्र। केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत की ओर से इंस्पायर अवाॅर्ड मानक योजना शुरू की गई है, जिसके तहत देशभर से सभी सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा छठी से 10वीं तक के विद्यार्थियों से विशुद्ध नवाचारों व नव प्रवर्तनों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से नामांकन आमंत्रित किया है।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. तरसेम कौशिक ने बताया कि राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान भारत द्वारा नवाचार व मानक अवार्ड्स के लिए एक मईको वेब लिंक ओपन कर दिया है तथा ऑनलाइन अंतिम तिथि 31 अगस्त रखी गई है। इंस्पायर मानक का उद्देश्य 10 से 15 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों में रचनात्मकता तथा नवीन सोच उत्पन्न करना है ताकि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने बताया कि नवाचारों का चयन विशुद्ध नवीनता, सामाजिक प्रयोज्यता, पर्यावरण बंधुता, उपयोगकर्ता बंधुता तथा तकनीकी रूप में सबलता पर आधारित होने चाहिए। इंस्पायर अवाॅर्ड मानक के अंतर्गत विद्यालयों द्वारा नवाचारों, नवप्रवर्तनों को डीएसटी के वेब पोर्टल ई-एमआईएएस (ई-मैनेजमेंट ऑफ इंस्पायर अवार्ड्स स्कीम) के वेब लिंक इंस्पायर अवार्ड्स-डीएसटीडॉटजीओवीडॉटइन पर अपलोड किया जाता है।
आवेदन के उपरांत राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले एक लाख नवाचारों,नवप्रवर्तनों का चयन किया जाता है तथा चयनित विद्यार्थी को 10 हजार की पुरस्कार राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना के द्वारा सीधे उनके खातों में भेजी जाती है। उसके उपरांत सभी चयनित विद्यार्थी स्वयं निर्मित मॉडल को जिला स्तरीय प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट कॉम्पिटीशन में प्रस्तुत करते हैं तो फिर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट कॉम्पिटीशन में भाग लेना होता है। राज्य स्तर पर चयनित विद्यार्थी अपने मॉडल को राष्ट्र स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट कॉम्पिटीशन में प्रस्तुत करते हैं, जहां से सर्वश्रेष्ठ 60 विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किया जाता है जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाता है।