कुरुक्षेत्र। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत नारायण पिरामिड ध्यान केंद्र में ध्यान करते
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के गंगा घाट पर चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत नारायण पिरामिड ध्यान केंद्र द्वारा आयोजित 16 से 30 नवंबर तक चलने वाले ध्यान शिविर का शुभारंभ अत्यंत उत्साह, आध्यात्मिक ऊर्जा और सामूहिक सहभागिता के साथ हुआ। उद्घाटन दिवस पर ही 1000 से अधिक लोगों ने आनापानसति ध्यान सीखकर आत्मिक शांति, मानसिक स्पष्टता और सकारात्मक जीवन ऊर्जा का अनुभव किया।
शिविर की विशेषता यह रही कि सभी आयु वर्ग—बुजुर्ग, युवा, विद्यार्थी और छोटे बच्चे सभी उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे और ध्यान का अद्भुत अनुभव प्राप्त किया। वरिष्ठ ध्यान प्रशिक्षकों मीनाक्षी खुरानियां एवं निखिल खुरानियां ने बताया कि नियमित ध्यान तनाव कम करता है, करुणा बढ़ाता है और जीवन में धैर्य व संतुलन का विकास करता है।
ध्यान शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने पूरे भाव से पंफलेट वितरण, मार्गदर्शन और ध्यान प्रचार की सेवा निभाई जिससे बड़ी संख्या में लोग ध्यान से परिचित हुए और इससे जुड़ने के लिए प्रेरित हुए। केंद्र के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक ध्यान, शांति और आत्म-विकास का संदेश पहुंचाना है।