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गीता स्थली ज्योतिसर घूमने आई महिलाओं पर बंदरों के झुंड ने किया हमला

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गीता स्थली ज्योतिसर तीर्थ पर बंदरों ने आतंक मचाया हुआ है। इन बंदरों से ग्रामीणों के साथ तीर्थ पर आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु भी खौफजदा है। तीर्थ पर 500 ज्यादा से बंदर टोलियों में रहते है। इन टोलियों में रोजाना लड़ाई होना आम बात है। इतना ही नहीं बंदर यहां आने वाले पर्यटकों पर भी कई बार हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। रविवार को भी 30 बंदरों के एक झुंड ने पानीपत से आई महिलाओं के ग्रुप पर हमला कर दिया। इस दौरान बंदर ने एक महिला की टांग पर काट लिया, जिससे हुए जख्म से खून बहने लगा। महिला उपचार के लिए भटकती रही। दुकानदारों ने महिला को निजी अस्पताल इलाज के लिए पहुंचाया। पानीपत की शास्त्री कॉलानी से आई सुनीता ने कहा कि वह तीर्थ घूमकर अन्य महिलाओं के साथ बाहर निकल ही रही थी कि अचानक से उनपर बंदरों ने हमला कर दिया। वह सभी घबरा गईं। आस पास के लोगों ने बड़ी मुश्किल से बंदरों को भगाया।
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बता दें कि शनिवार को भी इन बंदरों ने एक 11 वर्षीय बच्चे को काट लिया था, जिससे उसकी टांग पर गहरा जख्म हो गया। वहीं पिछले सप्ताह राजस्थान से आए कुछ पर्यटकों पर बंदरों के एक झुंड ने हमला कर दिया था। इस मामले को लेकर ग्रामीण और आसपास के दुकानदार कई बार प्रशासन से समस्या के समाधान की गुहार भी लगा चुके है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। गांव के लोगों का कहना है कि हर रोज कोई न कोई इनका शिकार बन रहा हैै। अभी तक बंदर पर्यटकों सहित कई लोगों को जख्मी कर चुके है। तीर्थ के आसपास से सामान लेकर जाते समय बंदरों की पूरी टोली उस पर झपट पड़ती है। वे उसे घेरकर और जख्मी करके सामान छीनने भाग जाते है। हालांकि आसपास के लोग व दुकानदार तो लाठी व डंडा से अपना बचाव कर लेते है, लेकिन अधिकतर पर्यटक और श्रद्धालु इनका शिकार बन रहे है। बंदरों की मौजूदगी में पर्यटकों व श्रद्धालुओं को डर के साए में ही तीर्थ का भ्रमण करना पड़ता है। इससे आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं में भी प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त है।
बंदरों की टोलियां केडीबी की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा रही है। बंदर की उछल-कूद से तीर्थ परिसर में लगी लाइटें टूट रही है। कई जगह से बंदरों ने लाइटों की तार को क्षतिग्रस्त कर दिया है। लाखों की रुपये की लागत से तैयार लाइट व साउंड सिस्टम को भी नुकसान पहुंचा रहे है। इसके अलावा बंदर गीता के साक्षी वट वृक्ष को भी नुकसान पहुंचा रहे है। केडीबी द्वारा वट वृक्ष को बचाने के लिए डाले गए जाल को भी कई जगह से काट दिया है।
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कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ अनुभव मेहता ने बताया कि गीता जयंती के दौरान पेमेंट बेसिस
पर ज्योतिसर तीर्थ स्थल से बंदर पकड़वाए गए थे। टीम द्वारा यहां से पकड़े बंदरों को जंगल में छोड़ दिया गया। बंदरों की संख्या दोबारा बढ़ गई है यह मामला उनके संज्ञान में आ गया है। इस समस्या का हल कर दिया जाएगा।
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