कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अब धीमी पड़ चुकी है। शुक्रवार को अलग-अलग अस्पतालों से 13 मरीजों को ठीक होने पर डिस्चार्ज किया गया है। अब जिले में कोरोना एक्टिव केसों की संख्या सिर्फ 21 रह गई है। इनमें से 11 मरीज होम आइसोलेट है और 10 मरीजों को अस्पतालों में दाखिल किया गया है। अब तक 3 लाख 96 हजार 705 लोगों की कोरोना सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है और कुरुक्षेत्र में पॉजिटिव केसों के मरीजों का ठीक होने का आंकड़ा 98.31 फीसदी तक पहुंच गया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुपमा ने कहा कि कुरुक्षेत्र में अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर आरटी पीसीआर और रैपिड एंटीजन के कुल 967 सैंपलों की रिपोर्ट में से केवल 1 व्यक्ति की रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आई है और अब तक 22066 पॉजिटिव केस सामने आ चुके है। इनमें से अब तक 21692 मरीज ठीक होकर घर जा चुके है और 353 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो चुकी है।
जिला प्रशासन ने गांव बिजड़पुर, रुआ पिहोवा, अमीन, थाना पिहोवा, दर्रा खेड़ा आदि में 5 स्थानों पर कोरोना पॉजिटिव केस मिलने पर कंटेनमेंट जोन बनाने के आदेश दिए है। साथ ही इन संबंधित क्षेत्रों को कंटेनमेंट व बफर जोन में शामिल करते हुए सैनिटाइज करने के आदेश दिए है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के अनुसार जिले के हुडा सेक्टर-1 शाहाबाद, गांव छलौंदी, दर्रा खेड़ा, धंतौड़ी, झांसा आदि में बनाए गए 5 कंटेनमेंट व बफर जोन क्षेत्र से निजात दी गई है।
पिहोवा के एसडीएम सोनू राम ने कहा कि कोरोना के संक्रमण को रोकने, शारीरिक क्षमता तथा दक्षता बढ़ाने में आयुर्वेद बहुत ही लाभदायक हैं। हमारी आयुर्वेदिक पद्धति बेहतरीन है। आयुर्वेद में सम्माहित औषधियां कोरोना के साथ-साथ अन्य बीमारियों के खिलाफ लड़ने में भी मदद करती है तथा शारीरिक ताकत को बढ़ाने का काम करती है। यह पद्धति बहुत ही सारगर्भित मानी जाती है। शुरू से ही आयुष विभाग लोगों को जागरूक करने का काम कर रहा है। एसडीएम ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य विभागों द्वारा कोरोना संबंधित अभियान चलाए गए, ताकि लोगों को अधिक से अधिक विषयगत जानकारी हो। कोरोना काल के दौरान काफी संख्या में लोगों ने आयुर्वेदिक दवाओं को उपयोग और सदुपयोग करके अपनी शारीरिक क्षमता और दक्षता बढ़ाने का काम किया है।