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Kurukshetra News: वैशाख अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने सरोवर में लगाई आस्था की डुबकी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में वैशाख अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर और गुरुद्वारा छठी पातशाही सहित अन्य पावन स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य कमाया। अलसुबह से ही श्रद्धालु दूर-दराज़ से पहुंचने लगे थे। वयोवृद्ध, महिलाएं, बच्चे सभी ने स्नान कर सुख-शांति की कामना की और तर्पण व पिंडदान करवाया। धार्मिक अनुष्ठानों और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। स्वास्थ्य सेवाओं, जल आपूर्ति, साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा। ब्रह्मसरोवर के घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं ताकि कोई भी श्रद्धालु असुविधा का अनुभव न करे। पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पिंडदान कराया।
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गुरुद्वारा छठी पातशाही में भी विशेष दीवान सजाए गए। श्रद्धालुओं ने माथा टेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया और गुरु परंपरा के महत्व को समझा। सरोवर में स्नान किए और गुरबाणी सुनकर गुरु के दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा ली। सन्निहित सरोवर पर भी श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
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ये है धार्मिक मान्यता : वैशाख अमावस्या पर लोग अपने पूर्वजों का तर्पण और पिंडदान करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह कार्य करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और पितरों की कृपा से जीवन में सुख व समृद्धि बनी रहती है। पितृ तर्पण करना बेहद लाभदायक माना जाता है। अमावस्या के दिन पितरों को जल अवश्य अर्पित करना चाहिए।
ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद हमारे जीवन पर बना रहता है। कई श्रद्धालुओं ने पितरों की आत्मा की शांति के लिए व्रत भी रखे और मंत्रोच्चारण किया।
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