लाडवा। आर्य समाज मंदिर में चल रहा चार दिवसीय कार्यक्रम रविवार को हवन में पूर्ण आहुति के साथ संपन्न हुआ। आर्य समाज मंदिर के पूर्व मंत्री अरविंद सिंहल ने विशेष विचार रखे। संगीता आर्य ने ईश्वर भक्ति के मधुर भजनों ने सभी को भाव विभोर कर दिया। वक्ता ने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन दिव्य ऋषि दयानंद को सच्चा बोध हुआ था।
आचार्य अनुज शास्त्री ने बताया कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मजागरण की वह पावन रात्रि है, जिसने स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन की दिशा ही बदल दी। जब मंदिर में चूहों को शिवलिंग पर चढ़ते देख बालक मूलशंकर के मन में प्रश्न जगा और यही प्रश्न आगे चलकर वैदिक पुनर्जागरण का आधार बना और आर्य समाज की स्थापना का कारण बना। महाशिवरात्रि हमें बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि आंतरिक जागरण का संदेश देती है।
वहीं सुबह से ही लाडवा व आसपास के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। एक दिन पहले ही मंदिरों को दुल्हन की तरह सजा दिया गया था। महादेव का जहां फलों फूलों से श्रृंगार किया गया, वहीं गौरा माता को नए नए वस्त्र एवं आभूषण पहनाए गए। श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य देवता महादेव को जल, बेलपत्र दूध, दही, घी सहित पंचामृत से स्नान कराया। कई श्रद्धालु हरिद्वार और ऋषिकेश से गंगाजल लाए और भोले बाबा को जल अर्पित कर मुरादें मांगी।
सामजिक धार्मिक संस्थाओं ने निकाली भगवान शिव बारात
भजनों पर नृत्य मग्न हो झूमते और गुलाल उड़ाते नजर आए श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
लाडवा। शहर की श्रीराम हनुमान रामलीला समिति सहित अन्य सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से शहर में भगवान भोलेनाथ की बारात निकाली गई। समिति के उप प्रधान नरेश ने बताया कि भोले बाबा की भव्य बारात खेड़े मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होती हिंदू हाई स्कूल में पहुंची। महाशिवरात्रि के महापर्व में शहर में प्रभातफेरियों की श्रृंखला के बाद महाकाल की नगरी उज्जैन की तर्ज पर शहर में शिव बारात निकाली गई।
बारात की अगुवाई देवी-देवताओं और भूत प्रेतों के वेश धारियों ने की। विभिन्न मार्गों पर पुष्प वर्षा के साथ शंखनाद, डमरू, तालों और बम बम भोले के जय जयकारे गूंजते रहे। शिव बारात का शुभारंभ करते हुए नगर पालिका प्रधान साक्षी खुराना ने भगवान शिव की आरती कर झंडी दिखा रवाना किया गया। बारात में देवी देवताओं सहित अघोरियों, भूत प्रेतों के हर्षोल्लास और विभिन्न प्रकार की झांकियों के प्रदर्शन ने बारात की शोभा को अत्यंत बढ़ाया।
शहर में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं, नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर विभिन्न स्थानों पर प्रसाद वितरण में हिस्सा भी लिया। शिवभक्त शंकर की चली रे बारात दर्शन पाओ रे और बम लहरी जैसे भजनों पर भक्ति के रस में सराबोर झूमते और गुलाल उड़ाते नजर आए। समिति के संरक्षक जोगध्यान, मुख्य निदेशक डॉ अशोक निर्मल, निदेशक कुश गर्ग, प्रधान राजेश वर्मा, सचिव हेमंत सैनी, उपप्रधान नरेश गर्ग, सह सचिव विपिन शर्मा, घनश्याम कांबोज, अरुण करुड़वाल, सोमी, मिंटू कांबोज, इशू, रणित, राकेश बबली, सुमित सिंघल, अमित, विशाल, कमल किशोर, कर्ण गौरी, शिवांश, देवराज राजू तथा राजेश अरोड़ा सहित सदस्य एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल रहे।