श्रावण माह के पहले सोमवार को धर्मनगरी सहित पूरे जिले के शिव मंदिरो में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। अलसुबह से ही मंदिरों में शिवलिंग पर मत्था टेकने वालों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने दूध दही, बेलपत्र, भांग, फल, फूल भगवान शिव को अर्पित कर मनोकामनाएं की। स्थाणवीश्वर महादेव मंदिर, दुखभंजन मंदिर, पिपली स्थित मंदिर, पिहोवा स्थित पशुपति नाथ मंदिर, अरुणाण स्थित संगमेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से दोपहर तक श्रद्धालुओं ने जल और दूधाभिषेक किया।
शहर के दुखभंजन महादेव मंदिर के पं. सुशील कुमार शास्त्री ने बताया कि कहा कि सावन भगवान शिव का प्रिय मास है। इसमें जो प्राणी सोमवार का व्रत रखकर पूजा करता है, उस पर शिव भोले हमेशा प्रसन्न रहते हैं।
इस्माईलाबाद में क्षेत्र के शिव मंदिरों में सुबह से ही शिवलिंग पर जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
इस अवसर पर मंदिरों को विशेष तौर पर सजाया गया। गांव जंधेडी के मारकंडा मंदिर में, गांव बालापुर में स्थित बालासुंदरी मंदिर में, जलबेहडा में माकंडेश्वर मंदिर में, कस्बे के प्राचीन शिव मंदिर व डेरा बाबा भोला नाथ गुरुधाम में स्थित शिवालयों पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दूध दही, बेलपत्र, भांग, फल, फूल भगवान शिव को अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सावन माह के प्रथम सोमवार पर गुरुधाम के महंत नरेश नाथ ने कहा कि ग्रंथों के अनुसार सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस माह में सच्चे मन से शिव की आराधना करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस माह में पार्थिव शिव लिंग बना कर अभिषेक करने का भी विशेष महत्व है। इस मौके पर तेजनाथ, प्रहलाद भगत शर्मा, डॉ. पाल, दीपक शर्मा, अश्वनी सैनी, विनोद गोयल, हरमेश धीमान, रामचंद्र कोमल, सुनील कोमल आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
उधर, एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक ने श्री दुखभंजन महादेव मंदिर में भगवान शिव की पूजा अर्चना की और देश-प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि की कामना की।
इस दौरान सभा के प्रधान यशेंद्र शर्मा ने मलिक को सभा की ओर से चलाई जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। एसडीएम मलिक ने कांवड़ शिविर और निशुल्क आयुर्वेदिक औषधालय का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासन की ओर से सभा को हर प्रकार का सहयोग देने का आश्वासन दिया।