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Olympics: रमिता पदक से चूकीं, पिता बोले- हौसला नहीं टूटा, न हमारा न बेटी का, अगली बार पदक जरूर लाएगी

Mon, 29 Jul 2024 02:51 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, लाडवा, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

रमिता के पिता ने कहा कि हार जरूर हुई है, लेकिन हौसला नहीं टूटा है। परिजनों को आस है कि इस बार नहीं तो अगली बार बेटी पदक जरूर लाएगी।
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रमिता जिंदल - फोटो : Instagram
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विस्तार
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रमिता 10 मीटर एयर राइफल महिला इवेंट में सातवें स्थान पर रहीं और पदक लाने से चूक गईं। इससे रमिता व उसके परिजनों के साथ-साथ हर किसी को दुख हुआ लेकिन न रमिता और न ही उसके परिजनों का हौसला टूटा है। पिता अरविंद जिंदल कहते हैं कि बेटी ने ओलंपिक में पूरी मेहनत से खेला। यह कम नहीं है।

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इस बार फाइनल में चूकी तो कोई बात नहीं। न बेटी का हौसला टूटा है और न ही हमारा। इस बार नहीं तो अगली बार सही लेकिन बेटी देश के लिए ओलंपिक से मेडल जरूर लाएगी। उसने फोन कर अपने मैच के बारे में बताया तो वहीं कहा कि वह अपनी हार को आगे नहीं रखती बल्कि अगली बार जीत के लिए प्रयास करती रहेगी।
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वह देश की झोली में एक दिन मेडल जरूर डालेगी। उधर पिता अरविंद जिंदल कहते हैं कि रमिता बेटी होते हुए भी बेटे की तरह है और हमें उस पर पूरा नाज है। छोटे से कस्बे लाडवा से ओलंपिक में जाना ही कोई छोटी बात नहीं। माता-पिता व अन्य परिजन बेटी का मैच देखने के लिए सुबह से ही टेलीविजन के आगे बैठे रहे।

बता दें कि रमिता ने अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन दूसरी सीरीज में वह पिछड़ गईं जिसके बाद वापसी नहीं कर सकीं। रमिता ने 10.2 शॉट के साथ शुरुआत की थी जिससे वह संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर पहुंच गई थीं और बाहर होने से 0.2 अंक आगे थीं। इसके बाद उन्होंने फिर 10.2 का शॉट खेला जिससे रमिता संयुक्त रूप से छठे स्थान पर खिसक गईं।
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रमिता ने इसके बाद शूटऑफ में 10.5 का स्कोर किया, लेकिन रमिता की प्रतिद्वंद्वी मुलर ने 10.8 का स्कोर कर खुद को मुकाबले में बनाए रखा। इस तरह रमिता का सफर सातवें स्थान पर रहकर समाप्त हुआ।

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