फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: फरियादियों के कष्ट से बेखबर अधिकारी, होगी कार्रवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र । जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में हर फरियादी को न्याय मिलने की उम्मीद होती है, वहीं अधिकारियों के लिए इस बैठक की कोई अहमियत नहीं है। ऐसे ही पांच सरकारी विभागों के अधिकारियों की कथित मनमानी वीरवार को उस समय देखने को मिली जब पंचायत भवन में उक्त समिति की बैठक में बगैर सूचना के वे गैरहाजिर मिले। अधिकारियों की इस मनमानी का पता उस समय चला जब फरियादी शिकायत बताने लगे तो संबंधित विभागों के कनिष्ठ कर्मी जवाब देने के लिए खड़े हो गए। कैबिनेट मंत्री कमल गुप्ता ने डीसी को दिए उपरोक्त गैरहाजिर अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन

बैठक की अध्यक्षता कर रहे शहरी स्थानीय निकाय एवं आवास मंत्री डॉ कमल गुप्ता ने जब अधिकारियों के न आने का कारण पूछा तो तो मौजूद अधिकारी इसका संतोषजनक जवाब भी नहीं दे पाए। डीसी ने भी स्पष्ट किया कि उन्हें भी अधिकारियों के गैरहाजिर रहने को लेकर कोई सूचना नहीं है। इस पर कैबिनेट मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए डीसी को सभी गैरहाजिर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए। इसके बाद कनिष्ठ कर्मी भी अपने-अपने मुखियाओं के मोबाइल की घंटियां बजाते रहे, ताकि समय रहते कार्रवाई की सूचना दी जा सके। इस दौरान मंत्री डॉ कमल गुप्ता ने कहा कि उनकी यह तीसरी बैठक है और उन्होंने पहली बैठक में ही स्पष्ट कर दिया था कि हर विभाग के मुखिया का बैठक में होना जरूरी है। कोई जरूरी काम है तो वजह पहले ही डीसी को बतानी होगी, लेकिन अधिकारी कोई परवाह नहीं कर रहे।


बॉक्स
इन विभागों के अधिकारी रहे गैर हाजिर
हाउसिंग बोर्ड, फुड एंड ड्रग्स, उप आबकारी एवं काराधान आयुक्त (आबकारी), उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त (सेल्स), पशुपालन विभाग के एचओडी बिना बताए बैठक से गैर हाजिर रहे। कैबिनेट मंत्री ने बाद में पत्रकारों से चर्चा में भी बताया कि डीसी ने सभी अधिकारियों को बैठक में शामिल होने के लिए आदेश दिए गए थे, इसके बावजूद अधिकारी गैर हाजिर रहे, जो बेहद गंभीर मामला है। इसलिए इन सभी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन



बॉक्स
.....कमिश्नर बड़ा या कैबिनेट मंत्री
जब एक विभाग के कर्मी ने पूछने पर बताया कि बड़े साहब तो कमिश्नर की बैठक में गए हैं। यह सुनकर कैबिनेट मंत्री डॉ कमल गुप्ता हैरान रह गए। उन्होंने पूछा कि कमिश्नर बड़ा है या कैबिनेट मंत्री। कौन सी बैठक ज्यादा जरूरी है। संंबंधित कर्मी मंत्री के इस सवाल का कोई जवाब नहीं दे सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें