जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में समस्या पर सुनवाई के दौरान बिजली निगम के एसई ने शिकायतकर्ता से ऊंचे स्वर में बात की तो समिति की चेयरमैन महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने अधिकारी को टोकते हुए खूब सख्ती दिखाई। वहीं अधिकारी को अपने व्यवहार में सुधार करने की नसीहत भी दी। राज्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई अधिकारी भविष्य में गलत व्यवहार करेगा तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। राज्यमंत्री कमलेश ढांडा शुक्रवार को एक साल चार माह बाद आयोजित हुई जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक को संबोधित कर रहीं थी। यह बैठक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में आयोजित की गई थी। राज्यमंत्री ढांडा ने एजेंडे की 21 शिकायतों में से 16 शिकायतों का मौके पर समाधान किया और 5 शिकायतों में दोबारा जांच करने के आदेश दिए। बैठक के दौरान खजान सिंह वासी जडौला ने बताया था कि उसका छोटा भाई सकीन सिंह बिजली बोर्ड पिहोवा में कार्यरत था। लिखित में परमिट लेने के बाद वह बिजली की लाइन ठीक कर रहा था, लेकिन बावजूद इसके लाइन में बिजली आ गई, जिससे उसके भाई की मौत हो गई। मामले में अधिकारी व कर्मचारी पर मौत का आरोप लगाया गया। पिछली बैठक में मामले की जांच के आदेश देते हुए आगामी बैठक तक लंबित रखने के आदेश दिए गए थे। शुक्रवार को बैठक में शिकायतकर्ता और बिजली निगम के अधिकारी आमने सामने हुए तो अधिकारी द्वारा ऊंचे स्वर में बात करना राज्यमंत्री को नहीं खला और उन्होंने अधिकारी को सख्ती दिखाते हुए अपने व्यवहार में बदलाव करने की नसीहत दी। इस दौरान भाजपा के एक नेता ने अधिकारियों पर बिजली मंत्री की बात को भी गंभीरता से न लेने के आरोप लगाए।
वहीं बैठक में गांव मिर्जापुर निवासी मान सिंह की शिकायत पर जांच अधिकारी एलडीएम ने अपना पक्ष रखते हुए फसल खराब से संबंधित मुआवजा देने के बारे में कहा कि स्टेट लेवल कमेटी के पास 20, 24, 27 , 29 जनवरी व 15 फरवरी को मुआवजे से संबंधित पत्र लिखा गया, लेकिन उन्होंने कुछ नियमों का हवाला दिया। दलीलों को सुनने के बाद राज्यमंत्री ने अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश और शिकायतकर्ता को मुआवजा दिलवाने की बात कही है।
राज्यमंत्री ने स्प्रींगल पब्लिक स्कूल इस्माईलाबाद के एमडी नरेश शर्मा की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को स्कूल प्रांगण से गुजर रही बिजली की तारों और ट्रांसफार्मर को नए जगह लगाने के ओदश दिए। शांति नगर निवासी राजेश कुमार की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा धारा 182 को हटाया जाए और हाईकोर्ट के फैसले के बाद पुलिस प्रशासन जल्द से आगामी कार्रवाई को करना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने गांव रावा निवासी बोहती देवी की शिकायत को सुनने के बाद कहा कि सुरजीत सिंह ने गांव रावा में सरपंच के कहने पर ट्रैक्टर-ट्राली लगाकर काम किया है, लेकिन कागजों में कहीं भी सुरजीत सिंह द्वारा काम किया हुआ नजर नहीं आया और न ही अधिकारियों द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में इस प्रकार के तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने इस मामले में डीडीपीओ को दोबारा जांच करने के लिए कहा है।
राज्यमंत्री ने इंद्रा कॉलोनी निवासी अक्षय गुप्ता की शिकायत पर जिला शिक्षा अधिकारी के पक्ष को जाना और शिकायतकर्ता तथा जांच के लिए बनी कमेटी की सदस्या डॉ. शकुंतला शर्मा के पक्ष को भी सुना। इस शिकायत पर राज्यमंत्री ने दोबारा जांच करने के आदेश दिए है। इस जांच के लिए एडीसी, कैथल के डीईओ, गैर सरकारी सदस्य युद्घिष्ठर बहल और रविंद्र सांगवान के नेतृत्व में 4 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया है।
गांव कंवार खेड़ी के शिकायत कर्ता कर्म सिंह की शिकायत पर डीडीपीओ प्रताप सिंह द्वारा जांच करने के बाद रखे गए तथ्यों तथा शिकायतकर्ता के पक्ष को सुना। इस शिकायत पर डीडीपीओ ने स्पष्ट किया कि चौपाल निर्माण कार्य में कुछ काम किया गया है, ग्रामीण विकास योजना के तहत रास्ते का निर्माण नहीं किया गया और कई अन्य निर्माण कार्य भी नहीं किए गए। इस पर प्रशासन की तरफ से नोटिस जारी किए गए है और करीब 21 लाख रुपये की रिकवरी भी की जाएगी। राज्यमंत्री ने कहा कि यह मामला में अभी लोकायुक्त की अदालत में लंबित है, इस अदालत का फैसला आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस मौके पर विधायक सुभाष सुधा, हरियाणा विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष जय सिंह पाल, पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग, भाजपा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सैनी, जजपा जिलाध्यक्ष कुलदीप जखवाला सहित अधिकारी और गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।
बचन सिंह वासी माजरी मोहल्ला ने शिकायत दी है कि उनका 18 वर्षीय पुत्र मनमोहन 20 दिसंबर 2017 को तीन युवकों के साथ काम पर गया था, जोकि आज तक वापस नहीं आया। मामले में तीनों को थानों में भी पेश किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कब किया यह भी नहीं पता चला। राज्यमंत्री ढांडा ने एसी को निर्देश दिए कि बच्चन सिंह को पॉलीग्राफ रिपोर्ट, सभी तरह की गई जांच की नों में गुमशुदा की तलाश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर इश्तेहार और विज्ञापन निकाले जाएं।