कुरुक्षेत्र। ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में दूसरे दिन मंगलवार को भी नर्सिंग ऑफिसर्स की दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल रहीं, जिस दौरान अस्पताल की सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा। हालांकि सुबह 10 से 12 बजे तक नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर रहने से ओपीडी जारी रही जबकि मरीजों को इंजेक्शन, ड्रेसिंग, दवा लेने और बीपी-शुगर की जांच के लिए दो घंटे करना पड़ा। रुटीन इंजेक्शन और ड्रिप लगाने के लिए भी नर्सिंग स्टाफ के ड्यूटी संभालने को लेकर भर्ती मरीजों को इंतजार करना पड़ा।
नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान गुरमीत सिंह का कहना है कि हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सेवाओं को बाहर रखा गया। इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम, बच्चों की इमरजेंसी और इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर में सेवाएं सामान्य रहीं। उनका कहना है कि पीएचसी और सीएचसी स्तर पर महिला नर्सिंग स्टाफ को कई बार महिला अटेंडेंट के बिना अकेले नाइट शिफ्ट करनी पड़ती है, ऐसे में दूर-दराज तबादलों से सुरक्षा संबंधी चिंताएं और बढ़ेंगी। मंगलवार को प्रदेश स्तर पर चलती रही बैठक पर भी पूरे स्टाफ की निगाहें टिकी रहीं।